लॉकडाउन में छिन गया रोजगार, आर्थिक तंगी के चलते मजदूर ने की आत्महत्या

मृतक के परिजनों का आरोप है कि मृतक बेरोजगार हो गया था खाने-पीने का कोई साधन नहीं था जिस कारण से उसने आत्महत्या की है. तो वहीं इस मामले में जिला अधिकारी का कहना है कि मृतक को खाने-पीने की कोई समस्या नहीं थी मृतक विक्षिप्त था जिसकी वजह से उसने आत्महत्या की.

प्रतीकात्मक तस्वीर
फिरोज़ खान
  • फर्रुखाबाद ,
  • 26 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 12:08 AM IST

  • लॉकडाउन के चलते मजदूर हो गया था बेरोजगार
  • परिवार का आरोप राशन कोटे से मिला सिर्फ चावल

फर्रुखाबाद से एक दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है जहां 35 वर्षीय युवक ने पेड़ से लटक कर फांसी लगा ली. मृतक के परिजनों का आरोप है कि मृतक लॉकडाउन के चलते बेरोजगार हो गया था इस कारण उसका परिवार आर्थिक तंगी जैसे हालात का सामना कर रहा था. वहीं जिले के आला अधिकारियों का कहना है कि मृतक विक्षिप्त था जिसकी वजह से उसने मानसिक संतुलन खो दिया और इसके कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है.

ये मामला फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला हाई का है जहां चुन्नीलाल नाम के व्यक्ति ने गरीबी से तंग आकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि चुन्नीलाल बनारस में रहकर मेहनत-मजदूरी करता था. लॉकडाउन की वजह से वह बेरोजगार हो गया और वापस अपने घर आ गया था.

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जिसके कुछ दिनों बाद चुन्नीलाल ने गांव के बाहर लगे आम के पेड़ से लटक कर फांसी लगा ली. जब इस घटना की जानकारी परिजनों को लगी तो सभी परिजन मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच करने में जुट गई.

मृतक के परिजनों का आरोप है कि मृतक बेरोजगार हो गया था और खाने-पीने का कोई साधन नहीं था जिस कारण से उसने आत्महत्या की है. वहीं इस मामले में जिला अधिकारी का कहना है कि मृतक को खाने-पीने की कोई समस्या नहीं थी. मृतक को इस महीने में राशन कोटे से पर्याप्त मात्रा में गेहूं और चावल मिला था.

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मृतक की पत्नी ने बताया की घर में खाने-पीने का सामान नहीं था सिर्फ चावल थे, चावल को ही पका कर गुजारा कर रहे थे. जिसके चलते मेरे पति परेशान रहते थे और उन्होंने फांसी लगा ली. इसके अलावा, मृतक के परिजन का कहना है कि चुन्नीलाल बनारस में रहकर मेहनत मजदूरी करता था. लॉकडाउन के चलते वह घर आ गया जहां कोई काम नहीं मिल रहा था और खाने की भी समस्या थी जिस कारण से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया.

वहीं, इस मामले में जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि मृतक को इस माह राशन कोटे से गेहूं और चावल 35 किलो की मात्रा में मिला था. इस कारण से खाने की कोई समस्या नहीं थी. बल्कि मृतक 2 वर्ष पहले किसी दुर्घटना में घायल हो गया था इस वजह से वह अर्द्ध विक्षिप्त हालत में था जिसके चलते उसने आत्महत्या की है.

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