नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को 24 घंटे के लिए बंद करने का आदेश दिया है. गाजियाबाद में गुरुवार रात 10 बजे से शुक्रवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई संवेदनशील जगहों पर पहले ही इंटरनेट सेवाएं रोकी गई हैं.
नागरिकता कानून के विरोध में गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंसा हुई. इस दौरान उपद्रवियों ने पथराव किया और वाहनों को आग लगा दी, जबकि संभल में दो सरकारी बसों को आग के हवाले किया गया. पेट में गोली लगने से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई. पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के कई जिलों में भी धरना-प्रदर्शन हुए, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं हुई.
विरोध प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए पुराने लखनऊ इलाके में भी इंटरनेट बंद किया गया है. इधर दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट, एसमएमस और कॉलिंग बंद करने का आदेश दिया गया है. जिन इलाकों में प्रतिबंध लगाए गए हैं उनमें उत्तर और मध्य जिले, मंडी हाउस, सीलमपुर, जाफराबाद, मुस्तफाबाद, जामिया नगर, शाहिन बाग और बवाना शामिल हैं. यहां गुरुवार सुबह 9 बजे से शुक्रवार 1 बजे तक इंटरनेट, वॉयस और एसएमएस पर रोक लगाई गई है.
यूपी के संभल में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद दंगा फैलाने के जुर्म में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसी मामले में 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. यहां अनिश्चितकाल के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि संभल में विरोध प्रदर्शन के पीछे समाजवादी पार्टी का हाथ है. हिंसक प्रदर्शन के दौरान संभल में यूपी रोडवेज की 2 बसें फूंक दी गईं. जबकि 2 निजी बसें, 2 निजी कार और पुलिस की दो गाड़ियों को तोड़ दिया गया. पूरे संभल जिले में धारा 144 लागू कर दिया गया है. हिंसा के दौरान 2 पुलिसकर्मी जख्मी हैं.
aajtak.in