BHU: रेजीडेंट डॉक्टरों और छात्रों में झड़प, हॉस्टल खाली करने का आदेश

छात्रों और रेजीडेंट डॉक्टरों ने एक दूसरे पर पथराव किया और उसके बाद दोनों पक्षों ने परिसर में आगजनी की. पुलिस ने यह जानकारी दी.

Advertisement
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (फाइल फोटो) बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (फाइल फोटो)

वरुण शैलेश

  • वाराणसी,
  • 25 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 7:50 PM IST

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी कैम्पस में रेजीडेंट डॉक्टरों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच हुए संघर्ष में करीब छह छात्र घायल हो गए हैं. इस बीच, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बेहद सख्त और अजीब आदेश दिया है. कार्रवाई के तहत सात हॉस्टलों को खाली कराने का आदेश दिया गया है. इन छात्रावासों में बिरला ए, बी और सी शामिल हैं.

इन छात्रावासों में रहने वाले छात्र बिरला चौराहे पर धरने पर बैठे हैं. वहीं डॉक्टरों के 3 हॉस्टल धनवंत्री, रुइया और रुइया एनेक्सी को भी खाली कराने के आदेश के खिलाफ डॉक्टर चीफ प्रॉक्टर से मिलने पहुंच गए.

Advertisement

बता दें कि सोमवार रात बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी कैम्पस में रेजीडेंट डॉक्टरों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच हुए संघर्ष में करीब छह छात्र घायल हो गए. बताया जा रहा है कि एक मरीज को बेड आवंटित करने के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई.

पुलिस ने मंगलवार को यह जानकरी देते हुए बताया कि घटना सोमवार की रात को हुई. छात्रावासों में रहने वाले कुछ छात्र एक मरीज के परिजनों के साथ मिल गए. मरीज के परिजनों का रेंजीडेंट डॉक्टरों के साथ बेड आवंटन को लेकर झगड़ा हो रहा था.

छात्रों और रेजीडेंट डॉक्टरों ने एक दूसरे पर पथराव किया और उसके बाद दोनों पक्षों ने परिसर में आगजनी की. पुलिस ने यह जानकारी दी. मरीज के परिजन उसे बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में बेड दिए जाने की मांग कर रहे थे. लेकिन एक रेजीडेंट डाक्टर ने तुरंत इस मांग पर मरीज के परिजनों से मिलने से इंकार कर दिया जिसके बाद उनके बीच में बहस शुरू हो गई.

Advertisement

बाद में बहस ने हिंसक रूप ले लिया. इस घटना में कम से कम छह छात्रों को चोटें आईं जिन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है. जिला मजिस्ट्रेट सुरेन्द्र सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी मंगलवार सुबह बीएचयू पहुंचे और फ्लैग मार्च किया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement