देश के कई राज्यों की तरह तेलंगाना में भी कोरोना संकट बरकरार है और यहां पर महामारी पर नियंत्रण के लिए लॉकडाउन लगाया गया है. हालांकि लॉकडाउन के दौरान कुछ फूड डिलीवरी ब्वॉय की गिरफ्तारी को लेकर विरोध शुरू हो गया है. हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कहा कि अगर फूड डिलीवरी की अनुमति नहीं है तो सरकार अपने आदेश में बदलाव जारी करे.
खाद्य और अन्य ई-कॉमर्स डिलीवरी ब्वॉय जो लॉकडाउन का उल्लंघन करते पाए गए, उनकी गाड़ियों को जब्त कर लिया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. शुक्रवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम केसीआर की ओर से लॉकडाउन के उपायों पर असंतोष व्यक्त करने के बाद सख्त कार्रवाई शुरू की गई. तेलंगाना में महीने के अंत तक आंशिक लॉकडाउन है.
इस बीच, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि तेलंगाना में लॉकडाउन पर सरकारी आदेश स्पष्ट रूप से कहता है कि फूड डिलिवरी की अनुमति है. फिर डिलीवरीकर्मियों को क्यों हिरासत में लिया जा रहा है? उन्हें तत्काल उनके वाहनों सहित रिहा किया जाए. ये सभी गरीब युवा हैं.
अपने दूसरे ट्वीट में ओवैसी ने कहा कि अगर फूड डिलीवरी की अनुमति नहीं है तो सरकारी आदेश में बदलाव किया जाए.
DGP ने लिया लॉकडाउन का जायजा
इस बीच लॉकडाउन के सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिस विभाग मुस्तैद है. इसी सिलसिले में तेलंगाना पुलिस के डीजीपी ने आज शुक्रवार को तीन कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नरों के साथ लॉकडाउन के सख्ती से पालन का जायजा लिया.
डीजीपी महेंद्र रेड्डी ने तीन कमिश्नरेट हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा के पुलिस कमिश्नरों के साथ सड़क पर उतरकर लॉकडाउन का जायजा लिया और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की.
तेलंगाना राज्य के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) महेंद्र रेड्डी ने आज शनिवार को सभी दुकान मालिकों और सब्जी विक्रेताओं को निर्देश दिया कि वे सुबह 9:30 बजे के बाद ग्राहकों को आने न दें और सुबह 10 बजे से लॉकडाउन का पालन करें. डीजीपी ने जनता को केवल आस-पास के बाजारों में जाने की सलाह दी ताकि वे जल्दी घर पहुंच सकें.
उन्होंने चेतावनी दी कि सभी अनधिकृत वाहनों को जब्त किया जाएगा और लॉकडाउन के बाद ही वापस किया जाएगा. रेड्डी ने कहा कि केवल उचित अनुमति वाले आपातकालीन वाहनों को ही छूट दी गई है. किराने और अन्य जरुरी चीजों की खरीद के लिए छूट के समय का उपयोग करें और बिना किसी खास जरुरत के सड़कों पर घूमने के लिए नहीं निकलें.
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डीजीपी ने अनुमति पाने वाली कंपनियों के मैनेजमेंट को भी निर्देश दिया कि वे लॉकडाउन दिशा-निर्देशों का पालन करें और उसी के अनुरुप अपनी शिफ्ट तैयार करें.
गुस्से में बिजली सप्लाई रोकी
दूसरी ओर नलगोंडा में पुलिस पर आरोप है कि लॉकडाउन लागू करने के नाम पर एक बिजली कर्मचारी को पीटा गया, जिसके परिणामस्वरूप आक्रोशित कर्मचारियों ने विरोध के रूप में बिजली आपूर्ति में कुछ समय के लिए काट दी.
नलगोंडा पुलिस शनिवार को उस समय विवाद में आ गई जब पुलिस ने लॉकडाउन लागू करने के नाम पर कई लोगों के साथ मारपीट की. मीडियाकर्मियों, बिजलीकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों ने पुलिस पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है.
पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नाराज बिजली कर्मचारियों ने नालगोंडा शहर में कुछ देर के लिए बिजली काट दी.
लॉकडाउन में मीडिया, मेडिकल, वाटर सप्लाई, बिजली, ऑनलाइन डिलीवरी वालों को छूट मिली हुई है लेकिन आरोप है कि पुलिस सरकार के आदेश का पालन नहीं कर रही है और सड़कों पर पाए जाने वालों के साथ बर्बरता के साथ पेश आ रही है.
आशीष पांडेय