तेलंगाना में भारी बारिश से मचा हाहाकार, CM रेड्डी ने PM मोदी से किया राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह

सीएम रेवंत रेड्डी ने फसल नुकसान की गणना के भी आदेश दिए. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 1.50 लाख एकड़ में फसलें बर्बाद हुई हैं. 4 लाख एकड़ में फसल के नुकसान की रिपोर्ट के मद्देनजर, सीएम ने कृषि विभाग को फील्ड सर्वे करने और फसल के नुकसान का ब्योरा इकट्ठा करने को कहा. 

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी. तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी.

अब्दुल बशीर

  • हैदराबाद,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

तेलंगाना में हुई भारा बारिश के बाद आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. भारी बारिश की वजह से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. जलभराव के कारण सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित रहा है. इस बीच सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी से तेलंगाना में भारी बारिश को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है.

सीएम रेड्डी ने पीएम मोदी से तेलंगाना में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की अपील भी की है. राज्य सरकार ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है. वहीं मवेशियों के नुकसान के लिए मुआवजा 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया है. इसके अलावा भेड़ और बकरियों के लिए इसे 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया गया.

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सीएम ने की हाईलेवल मीटिंग

बाढ़ प्रभावित खम्मम, महबूबाबाद, सूर्यपेट, भद्राद्री कोठागुडेम को तत्काल राहत उपायों के रूप में 5 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आज भारी बारिश और बाढ़ पर उच्च स्तरीय समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने राज्य की मुख्य सचिव शांति कुमारी को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित तेलंगाना राज्य का दौरा करने का अनुरोध करने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री ने मौसम विभाग (आईएमडी) से बहुत कम समय में हुई अत्यधिक भारी बारिश के कारणों और आज तथा कल के लिए बारिश के पूर्वानुमान के बारे में जानकारी ली. मौसम विभाग ने सीएम को बताया कि राज्य में अपेक्षा से अधिक भारी बारिश हुई है और राज्य में बार-बार भारी बारिश के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत अध्ययन करने की आवश्यकता है. 

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इससे पहले, राज्य में पांच साल या 10 साल में केवल एक बार बहुत भारी बारिश हुई थी. आईएमडी अधिकारियों ने आज और कल आदिलाबाद, निजामाबाद और निर्मल जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. मौसम पूर्वानुमान से सतर्क सीएम ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों, सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया. जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत राहत शिविरों में शिफ्ट करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से चौबीसों घंटे शिकायतें प्राप्त करने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तैनात करके तालाबों, पुलियों, निचले स्तर के पुलों और अन्य स्थानों पर जल स्तर की निगरानी करने को कहा. पूरे राज्य को सतर्क करने के लिए हर तीन घंटे में मौसम बुलेटिन जारी किया जाएगा.

अनुदान राशि में वृद्धि

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि भारी बारिश और बाढ़ में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. प्रत्येक दुधारू मवेशी के नुकसान के लिए मुआवजा भी 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है और बकरी और भेड़ के लिए सरकार 3,000 रुपये के बजाय 5,000 रुपये मुआवजा देगी.

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सीएम रेड्डी ने फसल नुकसान की गणना के भी आदेश दिए. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 1.50 लाख एकड़ में फसलें बर्बाद हुई हैं. 4 लाख एकड़ में फसल के नुकसान की रिपोर्ट के मद्देनजर, सीएम ने कृषि विभाग को फील्ड सर्वे करने और फसल के नुकसान का ब्योरा इकट्ठा करने को कहा. 

सीएम ने कहा कि सरकार ने पिछले समय में कामारेड्डी में फसल के नुकसान के लिए तुरंत मुआवजा जारी किया था, उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरित करने के लिए उसी तर्ज पर व्यवस्था करने का निर्देश दिया.

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अधिकारियों को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का अनुरोध करने के लिए एक पत्र लिखें. मुख्यमंत्री रेड्डी ने अधिकारियों को आदेश दिया कि हैदराबाद शहर और अन्य नगर निगमों में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए.

अधिकारियों को बिजली की आपूर्ति, यातायात रखरखाव, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता में हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भारी बारिश के दौरान अपने घरों में रहने वाले दिहाड़ी मजदूरों की पहचान करने और चावल, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण करने का आदेश दिया.
 

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