तेलंगाना की हुजूराबाद विधानसभा सीट से बीआरएस (BRS) विधायक पाडी कौशिक रेड्डी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं. इस बार विवाद की वजह करीमनगर के पुलिस कमिश्नर गौश आलम (IPS) के खिलाफ की गई उनकी 'धार्मिक और व्यक्तिगत' टिप्पणी है.
दरअसल, गुरुवार को कौशिक रेड्डी अपने कार्यकर्ताओं के साथ 'सम्मक्का जतारा' (धार्मिक उत्सव) में शामिल होने जा रहे थे. कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस ने उन्हें वीणावंका में रोक दिया और एहतियातन हिरासत में लेने की कोशिश की.
इस दौरान विधायक ने सड़क जाम कर दी जिससे आम लोगों और यातायात को परेशानी हुई. इतना ही नहीं विधायक ने पुलिस कमिश्नर गौश आलम के धर्म का उल्लेख करते हुए उन पर "दूसरे धर्म के लोगों का धर्मांतरण कराने" जैसा गंभीर और निराधार आरोप लगाया.
IPS एसोसिएशन और ओवैसी ने की आलोचना
तेलंगाना IPS ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे "घटिया और आधारहीन" बताया. एसोसिएशन ने एक बयान में कहा, "जब स्थानीय पुलिस अधिकारी अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे थे, तो माननीय विधायक ने बिना किसी आधार और उकसावे के, गौश आलम (पुलिस कमिश्नर) पर उनके धर्म का नाम लेकर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए और आरोप लगाया कि वह दूसरे धर्मों के लोगों को अपने धर्म में बदलने की कोशिश कर रहे थे."
यह भी पढ़ें: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का विवादित बयान, बोले- रेप करने से मिलता है..., बीजेपी ने घेरा
वहीं, AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसे 'एंटी-मुस्लिम हेट स्पीच' करार दिया. ओवैसी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोक सेवकों की ड्यूटी को सांप्रदायिक रंग देना पूरी तरह अस्वीकार्य है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
विधायक ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने और चौतरफा दबाव के बाद कौशिक रेड्डी ने शुक्रवार को माफी मांग ली. उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा रोके जाने के कारण वे भारी तनाव में थे और दबाव के चलते उनकी "जुबान फिसल" गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी जानबूझकर नहीं की गई थी और वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं.
(PTI इनपुट्स के साथ)
अब्दुल बशीर