ग्लेशियर पर सेना के जवानों ने भी मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

एक तरफ जहां दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है वहीं सेना के जवान भी पीछे नहीं है. मंगलवार को सियाचिन के ग्लेशियर, लेह, कारगिल और सीमा के बाकी इलाकों पर सेना के जवानों ने योग किया. इस दौरान जवानों के बीच योग को लेकर जागरुकता फैलाई गई.

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सियाचिन में योग करते जवान सियाचिन में योग करते जवान

मोनिका शर्मा / अश्विनी कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2016,
  • अपडेटेड 12:18 AM IST

एक तरफ जहां भारत समेत दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है वहीं सेना के जवान भी पीछे नहीं है. मंगलवार को सियाचिन के ग्लेशियर, लेह, कारगिल और सीमा के बाकी इलाकों में भी सेना के जवानों ने योग किया. इस दौरान जवानों के बीच योग को लेकर जागरुकता फैलाई गई.

मुश्किल परिस्थितियों में जवानों को के लिए मददगार योग
डिफेंस के प्रवक्ता एस.डी. गोस्वामी ने कहा कि सेना ने ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाकों में तैनात जवानों के है, जिससे उन्हें मुश्किल जलवायु परिस्थितियों में मदद मिलती है. ऐेसी परिस्थितियों में योग करने से जवानों को हाई एल्टिट्यूड सिकनेस, हाईपोक्सिया(शरीर में ऑक्सिजन की कमी), पल्मनेरी एडेमा(फेफड़ों में जरूरत से ज्यादा लिक्विड भर जाना), मानसिक तनाव और थकान को दूर करने में मदद मिलती है. बेहद ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सिजन कम होता है, लेकिन प्राणायाम की मदद से जवान ऐसी स्थिति में भी शरीर को संतुलित बनाए रख सकते हैं.

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योग न सिर्फ व्यक्ति को जीवन में सकारात्मकता लाता है बल्कि शरीर आरामदायक महसूस करता है, दिमाग शांत रहता है और विपरीत परिस्थितियों में जवानों के लिए अपने काम को बेहतर तरीके से करने के लिए ये चीजें बेहद जरूरी हैं. सभी सीमावर्ती इलाकों में योग सेशन ट्रेन्ड इंस्ट्रक्टर्स ने लगाए थे और कैंप के दौरान जवानों को विभिन्न योगासन, उन्हें करने के सही तरीके और फायदों के बारे में बताया गया.

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