CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिला की कोलकाता में मौत

कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में शाहीन बाग की तर्ज पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रही 57 साल की बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब हो गई. वहीं रविवार सुबह 2 बजे समिदा खातून नाम की प्रदर्शनकारी महिला बेहोश होकर गिर गई.

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रही महिला की मौत
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

  • कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में महिलाओं का प्रदर्शन
  • CAA-NRC के खिलाफ 26 दिनों से जारी है धरना-प्रदर्शन
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश के कई शहरों में प्रदर्शन जारी है. इसमें दिल्ली का शाहीन बाग प्रदर्शन का मॉडल बना हुआ है. वहां 50 दिनों से नागरिकता कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन हो रहा है. उधर, कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में सीएए के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा है. रविवार को पार्क सर्कस मैदान में एक प्रदर्शनकारी महिला की मौत हो गई.

कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में शाहीन बाग की तर्ज पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ महिलाएं धरना-प्रदर्शन कर रही हैं. वहां धरना स्थल पर रविवार को 57 साल की बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब हो गई. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक धरना स्थल पर रविवार सुबह 2 बजे समिदा खातून नाम की प्रदर्शनकारी महिला बेहोश होकर गिर गई. आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक खातून कोलकाता के इंटाली इलाके की रहने वाली थी. बताया जा रहा है कि महिला का बेटा ईरान में रहता है. ईरान से उसके बेट के भारत लौटने के बाद महिला के शव का अंतिम संस्कार होगा.

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के खिलाफ कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में करीब 60 महिलाएं धरना-प्रदर्शन कर रही हैं. महिलाओं का यह प्रदर्शन कड़कड़ाती ठंड में पिछले 26 दिनों से जारी है. समिदा की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल पर माइक बंद कर दिया. इसके बाद आंदोलनकारियों ने काला बैच लगाकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जबतक एनआरसी वापस नहीं लिया जाता है, तबतक धऱना-प्रदर्शन जारी रहेगा.

शाहीन बाग में युवक ने की फायरिंग

बता दें कि शाहीन बाग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध का केंद्र बना हुआ है. शाहीन बाग में 50 दिन पहले इस कानून के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ था. इसके बाद देश के करीब 24 जगहों पर इस तरह का धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया. शाहीन बाग में जामिया इलाके की महिलाएं बड़ी संख्या में धरने में शामिल हो रही हैं. इस बीच शाहीन बाग में पिछले कुछ दिनों में धरना स्थल के पास तीन बार फायरिंग हो चुकी है.

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दिल्ली के जामिया और शाहीन बाग इलाके में फायरिंग के कारण दहशत का माहौल है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया में अज्ञात लोगों ने रविवार रात हवाई फायरिंग की और फरार हो गए. फायरिंग की यह तीसरी वारदात थी. इसके बाद से स्टूडेंट ने सुरक्षा का जिम्मा खुद संभाल लिया है. जामिया परिसर में आने-जाने वाली हर कार की तलाशी खुद स्टूडेंट ले रहे हैं. स्टूडेंट्स का कहना है कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर एहतिहातन यह कदम उठा रहे हैं. रविवार को जामिया के गेट नंबर पांच पर फायरिंग हुई.

फायरिंग के दौरान दो संदिग्ध भी देखे गए. फायरिंग की सूचना मिलते ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर लोग जुटने लगे और थोड़ी देर में प्रदर्शन शुरू हो गया. पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने बताया कि जामिया नगर के एसएचओ घटनास्थल का जायजा लिया. इस इलाके में फायरिंग की यह तीसरी घटना है.

पहले भी जामिया में दो बार फायरिंग

इससे पहले जामिया और शाहीन बाग में फायरिंग की दो और घटनाएं हो चुकी हैं. पहली घटना 30 जनवरी की है, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एक नाबालिग लड़के ने गोली चला दी थी. इसमें पत्रकारिता का एक छात्र जख्‍मी हो गया था. दूसरी घटना 1 फरवरी को शाहीन बाग में हुई थी. शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ जारी प्रदर्शन स्थल से कुछ ही दूरी पर कपिल नाम के एक शख्‍स ने हवाई फायरिंग की थी.

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