8 मार्च से शताब्दी एक्सप्रेस में सभी महिला TTE करेंगी टिकट चेक

पश्चिम रेलवे का कहना है कि ट्रायल के तौर पर महिलाओं की पूरी टीटीई स्टाफ को इसी ट्रेन में टिकट चेक करने का काम सौंपने के बाद एक दिन में रेलवे की कमाई में 66 फीसदी का इजाफा हो गया था.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

पश्चिम रेलवे ने फैसला किया है कि महिला दिवस के दिन से मुंबई-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस में टिकट चेक करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में रहेगी.

पश्चिम रेलवे का कहना है कि ट्रायल के तौर पर महिलाओं के पूरे टीटीई स्टाफ को इसी ट्रेन में टिकट चेक करने का काम सौंपा गया था, जिसमें रेलवे की एक दिन की कमाई में 66 फीसदी का इजाफा देखा गया. इसके बाद पश्चिम रेलवे ने इसे पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च करने का फैसला किया और टिकट चेक करने की जिम्मेदारी महिला टीटी स्टाफ को सौंप दिया.

Advertisement

शताब्दी एक्सप्रेस में हर दिन टीटीई स्टाफ की कम से कम 6 महिलाएं सवार होंगी और उसी दिन वापस लौट आएंगी. अगर यह योजना कारगर साबित हुई तो इसे अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा.

वर्तमान में शताब्दी एक्सप्रेस में 6 टीटीई जाते हैं, जिसमें 2 महिलाएं भी शामिल रहती हैं. यह आइडिया पश्चिम रेलवे के सीनियर मंडल रेलवे कमिश्नर आरती सिंह परिहार का था. उनके अनुसार, महिलाएं ईमानदार होती हैं और टीटीई स्टाफ में सभी महिलाओं को शामिल किए जाने से रेलवे की एक दिन की कमाई बढ़ सकती है.

मुंबई के पश्चिम रेलवे मंडल में कुल 96 टीटीई हैं जिसमें अकेले मुंबई से 50 टीटीई हैं. अमूमन महिला टीटीई को प्लेटफॉर्म पर ही तैनात किया जाता है. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 5-6 फरवरी को ट्रायल के तौर पर सभी महिला टीटीई को एक ट्रेन में तैनात किया गया, जिसका परिणाम बेहद शानदार रहा. रेलवे को इस दिन 50 हजार की कमाई हुई, जबकि इससे पहले यह कमाई 30 हजार रुपये हुआ करती थी.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement