तमिलनाडु विधानसभा में विश्वासमत के दौरान हुए हंगामे के एक दिन बाद डीएमके नेता एमके स्टालिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है. स्टालिन के खिलाफ मरीना बीच पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर केस दर्ज किया गया है. स्टालिन के खिलाफ धारा 143 और 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इस बीच द्रमुक ने तमिलनाडु के सभी जिलों में पार्टी कार्यालयों में 22 फरवरी से भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है.
शनिवार को स्टालिन और अन्य डीएमके नेताओं को मरीना बीच से हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया. शनिवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ है. हंगामा इस हद तक हुआ कि बात हाथापाई तक पहुंच गई. आखिर में पलानीस्वामी ने 122 वोटों के साथ विश्वासमत जीत लिया. गुप्त मतदान की मांग को लेकर विधानसभा के अंदर मेज, कुर्सियां और माइक तोड़ दिए गए. स्पीकर पी धनपाल के साथ हाथापाई हुई.
स्टालिन ने आरोप लगाया था कि विधानसभा में हंगामे के बाद पुलिसकर्मियों और मार्शलों ने उनके साथ धुक्कामुक्की की जिससे उनकी कमीज फट गई. डीएमके नेता ने सचिवालय से बाहर अपनी कार से निकलकर विधानसभा में पुलिस और मार्शलों के कथित हमले में फटी कमीज मीडियाकर्मियों को दिखाई.
स्पीकर से भी हुई थी हाथापाई
स्पीकर ने दावा किया था कि उनके साथ हाथापाई की गई और उनकी शर्ट फाड़ी गई. स्पीकर पी धनपाल ने कहा कि मैं सदन की कार्यवाही के संचालन के लिए बाध्य हूं. मेरे साथ क्या हुआ, मैं किसी बताने जाऊं. मेरी कमीज फाड़ दी गई और मेरा अपमान किया गया.
लव रघुवंशी