कट्टरपंथी आतंकियों की मार झेल रहे सीरिया ने आरोप लगाया है कि 'वॉर अगेंस्ट टेरर' अमेरिका का सबसे बड़ा सफेद झूठ है. सीरियाई राजदूत ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा, "हकीकत तो ये है कि हमारी सरजमीं पर हमारी सेना से लड़ रहे कट्टरपंथी आतंकवादी संगठनों इस्लामिक स्टेट यानी आईएस और अलकायदा जैसों को अमेरिका रासायनिक हथियार तक मुहैया करा रहा है.
अगर सचमुच 'वॉर अगेंस्ट टेरर' है तो अमेरिकी सेना हमारी मदद करने के बजाय हमारे सैनिकों पर हमले क्यों कर रही हैं. हमारे मासूम नागरिकों को रासायनिक हथियारों के हमलों का निशाना क्यों बनाया जा रहा है. इसलिए कि हम अपनी संप्रभुता का सौदा या समझौता करने को राजी नहीं. अमेरिका के साथ इजराइल, तुर्की और सऊदी अरब जैसे देश सीरिया के खिलाफ इस साजिश में शामिल हैं. ऐसे में हमें रूस और भारत से ज्यादा से ज्यादा नैतिक सहयोग की अपेक्षा है."
भारत में सीरिया के राजदूत डॉ रियाद कामेल अब्बास ने कहा, "हमारी सेना अलकायदा और आईएस को नेस्तनाबूद करने के लिए उनसे लड़ रही है. लेकिन, अमेरिका ने उनके बहाने सीरिया के नागरिक ठिकानों, शहरों और कस्बों पर हमला किया है. ये एकतरफा कार्रवाई आईएस को नहीं बल्कि हमें नुकसान पहुंचा रही है. रासायनिक हमले कर रहे हैं. उन्हें हथियार कौन मुहैया करा रहा है. हमारी संप्रभुता से इजराइल और तुर्की जैसे देश खुश नहीं हैं."
डॉ अब्बास ने दिल्ली में कहा, "भारत हमारा दर्द समझ सकता है. क्योंकि हम दोनों ही से पीड़ित हैं. यहां भी सीमा पार से आतंकवादी, आतंकी सामग्री और मदद आती है. यही स्थिति सीरिया में भी है. ऐसे में अब तक भारत का संतुलित रुख हमारी हिम्मत रहा है. हम और ज्यादा की उम्मीद करते हैं क्योंकि हमारा दर्द भी साझा है."
अमेरिका पर हमला करते हुए सीरियाई राजदूत ने कहा, " तो बदलते रहे लेकिन सीरिया और अन्य जमीर वाले देशों के प्रति अमेरिकी नीति नहीं बदली. यही वजह है कि अमेरिका के पिट्ठू देश हमारे खिलाफ साजिश में शामिल हैं. हमें रूस, भारत और ऐसे ही कई दोस्त देशों से मदद की उम्मीद है. वो हमारा नैतिक समर्थन तेज करें तो हमारी आतंकवादियों को उखाड़ फेंकने में मदद मिलेगी."
संजय शर्मा