सुप्रीम कोर्ट का पार्टियों को निर्देश- बताना होगा, क्यों दिया क्रिमिनल को टिकट?

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है. राजनीतिक दलों को अब किसी अपराधी को टिकट का कारण चुनाव आयोग को भी बताना होगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिक दलों को निर्देश
  • अपराधियों की जानकारी सार्वजनिक करें: SC
  • टिकट देने से पहले कारण भी बताना होगा

राजनीति में आपराधिक छवि के लोगों की बढ़ती हिस्सेदारी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चिंता व्यक्त की है. अदालत ने सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी वेबसाइट पर सभी उम्मीदवारों की जानकारी साझा करें. इसमें उम्मीदवार पर दर्ज सभी आपराधिक केस, ट्रायल और उम्मीदवार के चयन का कारण भी बताना होगा. यानी राजनीतिक दलों को ये भी बताना होगा कि आखिर उन्होंने एक क्रिमिनल को उम्मीदवार क्यों बनाया है.

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गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश दिया है. अदालत के फैसले के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों को उम्मीदवार घोषित करने के 72 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को भी इसकी जानकारी देनी होगी. साथ ही घोषित किए गए उम्मीदवार की जानकारी को स्थानीय अखबारों में भी छपवानी होगी.

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इस याचिका को दायर करने वाले वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि अगर कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा, तो उसे अदालत की अवमानना माना जाएगा. यानी सभी उम्मीदवारों को अखबार में अपनी जानकारी देनी होगी.

संसद में लगातार बढ़ रही है दागी नेताओं की संख्या

वकील के मुताबिक, अगर किसी नेता या उम्मीदवार के खिलाफ कोई केस नहीं है और कोई भी FIR दर्ज नहीं है तो उसे भी इसकी जानकारी देनी होगी. अगर कोई भी नेता सोशल मीडिया, अखबार या वेबसाइट पर ये सभी जानकारियां नहीं देता है तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ एक्शन ले सकता है और सुप्रीम कोर्ट को भी जानकारी दे सकता है.

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गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राजनीति में आपराधिक छवि के नेताओं की हिस्सेदारी बढ़ी है. इसका अंदाजा हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव से ही लगाया जा सकता है.

चुनाव सुधार के लिए काम करने वाली गैर-सरकारी संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में चुने गए 70 में से 37 विधायकों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं.

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