समय पर नहीं मिले खरीदारों को फ्लैट्स तो आम्रपाली बिल्डर्स को होगी जेल: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लेजर पार्क प्रोजेक्ट में 19 टावर पूरे करने के लिए निर्माण शुरू करने और उसे पूरा करने की इजाजत दी. साथ ही कोर्ट ने 1665 फ्लैट जल्द से जल्द तैयार करने को कहा.

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI) सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI)

अजीत तिवारी / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली बिल्डर्स को समय पर खरीदारों को फ्लैट्स नहीं देने पर जेल भेजने की चेतावनी दी है. कोर्ट ने कहा है कि अगर आम्रपाली बिल्डर्स वादे के मुताबिक समय पर प्रोजेक्ट्स पूरा कर खरीदारों को फ्लैट्स नहीं देते तो हम इनको जेल भेज देंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लेजर पार्क प्रोजेक्ट में 19 टावर पूरे करने के लिए निर्माण शुरू करने और उसे पूरा करने की इजाजत दी. साथ ही कोर्ट ने 1665 फ्लैट जल्द से जल्द तैयार करने को कहा.

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खरीदारों की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए 13 डेवलपर्स से साझेदारी की अनुमति दी. सुनवाई में कोर्ट ने आम्रपाली को 7 मार्च तक इसके लिए अंडरटेकिंग दाखिल करने को कहा. कोर्ट ने कहा कि वो खुद इसकी निगरानी करेगा और 27 मार्च को सुनवाई करेगा.

इसके अलावा बाकी के प्रोजेक्ट्स पर 15 मार्च को सुनवाई होगी. कोर्ट ने कहा कि हम पर ना रेरा का कोई असर होगा और ना ही दिवालियापन कार्रवाई का कोई फर्क पड़ेगा. कोर्ट की कोशिश है कि लोगों को जल्द से जल्द फ्लैट मिल सके.

वहीं, आम्रपाली की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल ब्यौरे में कहा गया है कि उसके 10 प्रोजेक्ट के 10,647 फ्लैटों में से 980 फ्लैट 3 से 6 महीने के बीच, 2085 फ्लैट 6 से 9 महीने के बीच, 3130 फ्लैट 9 से 12 महीने के बीच और 4452 फ्लैट 12 से 15 महीने के बीच तैयार होंगे. फ्लैट तैयार होने के बाद खरीदारों को कब्जा दिया जाएगा. पहले फेज में 19 टावरों का काम पूरा करने के लिए 87 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसले के खिलाफ फ्लैट खरीदारों द्वारा दायर याचिकायों पर सुनवाई करते हुए दिए. खरीदारों ने ग्रेटर नोएडा में फ्लैट्स का आवंटन न करने पर आम्रापाली बिल्डर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था.

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