रानी पद्मावती की गाथा सुननी है, तो आइए इंदिरा गांधी कला केंद्र

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और दीनदलाय उपाध्याय शोध संस्थान मिलकर दिल्ली में लोकगाथा उत्सव का आयोजन कर रहे हैं.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

दिनेश अग्रहरि / कपिल शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और दीनदलाय उपाध्याय शोध संस्थान मिलकर दिल्ली में लोकगाथा उत्सव का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें ऐतिहासिक घटनाओं और महान हस्तियों की कहानियां सुनाई जाएंगी. इस दौरान देशभर के अलग-अलग राज्यों से आए लोक कलाकार अपनी कला को प्रदर्शित करेंगे. लेकिन खास बात ये है कि इस लोक उत्सव में रानी पद्मावती की कहानी को भी एक ऐतिहासिक गाथा के तौर पर सुनाया जाएगा.

Advertisement

बीजेपी सांसद और लोक कलाकार मनोज तिवारी खुद इस लोक गाथा उत्सव में शिरकत करेंगे और अपनी प्रस्तुति भी देंगे. मनोज तिवारी ने कहा कि लोक गाथा उत्सव की अहमियत इसलिए भी है क्योंकि हमारे देश के तमाम ऐसे महापुरुष हैं, जिनके बारे में देश की युवा पीढ़ी नहीं जानती. लोगों को अगर ऐतिहासिक हस्तियों के नाम भी पता है, तो उन्हें उनकी उपलब्धि और जीवन के बारे में नहीं पता है. इसलिए उनकी कहानियां रोचक अंदाज़ में बयां करना ज़रूरी है.

मनोज तिवारी ने कहा कि इस लोक गाथा उत्सव के दौरान कई महान हस्तियों की गाथाएं सुनाई जाएंगी. उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से बताए जाएंगे. इसी कड़ी में रानी पद्मावती की कहानी भी इस लोक गाथा उत्सव का आकर्षण होगी. रानी पद्मावती एक महान हस्ती रही हैं, जिनका जीवन प्रेरणादायी है और लोगों को उसके बारे में पता चलना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कहानियों को लोग अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ लेते हैं, लेकिन अच्छी और सच्ची कहानी में मिलती है.

Advertisement

दीनदयाल शोध संस्थान के महासचिव अतुल जैन के मुताबिक लोकगाथा उत्सव जन्म शताब्दी वर्ष के तहत मनाया जा रहा है, जिसका मकसद लोक गाथाओं को मुख्य धारा में लाकर लोगों से रूबरू कराना है. संस्कृति के रंग और उसकी समृद्ध‍ि को नए सिरे से स्थापित करना इस उत्सव की पहचान होगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement