सीबीआई कोर्ट ने माल्या के खिलाफ जारी किया गैरजमानती वारंट

इससे पहले बाजार नियामक सेबी ने यूनाइटेड स्पिरिट्स मामले में विजय माल्या और छह अन्य को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था. माल्या और यूनाइटेड स्पिरिट्स के पूर्व अधिकारी अशोक कपूर को किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक पद लेने से भी रोका गया था.

Advertisement
माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट

लव रघुवंशी

  • मुंबई,
  • 31 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

सीबीआई कोर्ट ने विजय माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. मुंबई में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने विजय माल्या के खिलाफ ये वारंट जारी किया. हालांकि इससे पहले भी सीबीआई कोर्ट ऐसा वारंट जारी कर चुकी है लेकिन इस बार जांच एजेंसी के पास माल्या की ब्रिटेन में लोकेशन भी है. सीबीआई ने ब्रिटेन के समक्ष माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर हलफनामा भी कोर्ट के सामने पेश किया जिसके बाद ये वारंट जारी हुआ.

Advertisement

इससे पहले बाजार नियामक सेबी ने यूनाइटेड स्पिरिट्स मामले में विजय माल्या और छह अन्य को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था. माल्या और यूनाइटेड स्पिरिट्स के पूर्व अधिकारी अशोक कपूर को किसी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक पद लेने से भी रोका गया था.

जिसके बाद माल्या और छह अन्य व्यक्ति शेयर बाजार में किसी तरह का लेनदेन और कारोबार करने पर रोक लग गई थी. छह अन्य व्यक्तियों में अशोक कपूर, पी एम मुरली, सौम्यनारायणन, एस एन प्रसाद, परमजीत सिंह गिल और एइनापुर एसआर शामिल हैं.


वहीं बीजेपी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर किंगफिशर एयरलाइन्स के मालिक विजय माल्या के साथ रियायत बरतने का आरोप लगाया है. बीजेपी ने सोमवार को विजय माल्या द्वारा लिखी गई कुछ चिट्ठियां और एक ई-मेल की प्रति जारी की. इनमें से दो लेटर तत्कालीन प्रधानमंत्री को और एक चिट्ठी पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को लिखी गई थीं.

Advertisement

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम ने लोन देने में विजय माल्या की मदद की थी. जिसके एवज में माल्या ने खुद चिट्ठी लिखकर धन्यवाद् भी दिया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »