घुसपैठियों को रोकने के लिए मेघालय बॉर्डर पर बने 7 चेकपॉइंट, 10 अगस्त से मिलेंगे NRC फॉर्म

एनआरसी के जारी होने के बाद हाल ही में यह ख़बरें सामने आई थी कि असम से मेघालय जाने वाले कई लोगों को घुसपैठिया बताकर दुर्व्यवहार किया गया था.

Advertisement
नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन. नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन.

आदित्य बिड़वई

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजन (NRC) ड्राफ्ट जारी हुए एक हफ्ता बीत चुका है. जिन लोगों के नाम एनआरसी लिस्ट में नहीं थे वो दोबारा 7 अगस्त से फॉर्म भर सकते थे, लेकिन फॉर्म मिलने की तारीख अब 10 अगस्त कर दी गई है. यह फॉर्म 30 अगस्त से एनआरसी सेवा केन्द्रों में लोग जमा कर सकेंगे.

उधर, एनआरसी ड्राफ्ट जारी होने के बाद मेघालय में अवैध घुसपैठियों को रोकने के लिए पुलिस ने 7 चेक पॉइंट बनाए हैं, जहां असम से आने जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और अवैध घोषित किए गए लोगों को राज्य में जाने से रोका जाएगा.    

Advertisement

इस बारे में एसपी देबांगशू संगमा ने मीडिया को बताया कि, "घुसपैठियों को रोकने के लिए हमने चेक पॉइंट बनाए हैं, इससे असम से आने-जाने वालों की जांच हो रही है. चेक पॉइंट पर लोगों का पहचान पत्र देखा जा रहा है. ताकि वो भारत के नागरिक हैं या नहीं इसकी पुष्टि हो सके."   

संगमा ने आगे बताया कि जिले असम की बॉर्डर के पास है. यहां पड़ने वाले चेक पॉइंट्स पर घुसपैठियों को रोकने के लिए टीम बनाई गई है.

इस एक्शन के बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल ने मेघालय के सीएम कोनार्ड संगमा से फोन पर बातचीत की. उन्होंने असम और मेघालय के बीच यातायात सरल करने की बात कही. ताकि चेक पॉइंट पर लोगों को परेशानी ना झेलनी पड़े.

एनआरसी के जारी होने के बाद हाल ही में यह ख़बरें सामने आई थी कि असम से मेघालय जाने वाले कई लोगों को घुसपैठिया बताकर दुर्व्यवहार किया गया था. दरअसल, यह पूरा मामला तब सुर्ख़ियों में आया जब खासी स्टूडेंट यूनियन (KSU) ने एनआरसी ड्राफ्ट जारी होने के बाद मेघालय बॉर्डर पर अपने चेक पॉइंट बनाए थे. 

Advertisement

एनआरसी केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा...

उम्मीद जताई जा रही है कि लाखों लोग 2500 सेवा केन्द्रों पर क्लेम के लिए पहुंचेंगे. इसे देखते हुए सिक्यूरिटी के तगड़े बंदोबस्त दिए गए हैं. पुलिस को इंटलिजेंस इनपुट मिले हैं कि एनआरसी रिव्यु के दौरान सेवा केन्द्रों पर हमले हो सकते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement