SC-ST कर्मचारियों के बगावती तेवर, कहा- मांगें नहीं मानी तो करेंगे सामूहिक धर्म परिवर्तन

प्रमोशन में आरक्षण और सीधी भर्ती में पुराने रोस्टर को लागू करने की मांग को लेकर देहरादून में शुक्रवार को प्रदेश भर से आए हजारों एसटी-एससी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ सचिवालय का घेराव किया.

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (तस्वीर- PTI) मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (तस्वीर- PTI)

दिलीप सिंह राठौड़

  • देहरादून,
  • 03 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 4:00 AM IST

  • एसटी-एससी कर्मचारियों ने किया सचिवालय का घेराव
  • कहा- नहीं मानी गईं मांगें तो करेंगे धर्म परिवर्तन

प्रमोशन में आरक्षण और सीधी भर्ती में पुराने रोस्टर को लागू करने की मांग को लेकर देहरादून में शुक्रवार को प्रदेश भर से आए हजारों एसटी-एससी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ सचिवालय का घेराव किया.

प्रदेश भर से आए अनुसूचित जाति के अनेक संगठनों से जुड़े लोगों ने राजधानी देहरादून में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी मांगें न माने जाने की सूरत में सामूहिक धर्म परिवर्तन की भी चेतावनी सरकार को दी.

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एससी-एसटी ईम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले उत्तराखंड प्रदेश के हजारों कर्मचारियों ने सचिवालय घेराव कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. उनके द्वारा मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा गया.

इस महारैली में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में एसटी-एससी और ओबीसी वर्ग के कर्मचारी राजधानी देहरादून पहुंचे. फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो वो सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन भी कर सकते हैं.

संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन आरक्षण रोस्टर के अनुसार ही डीपीसी प्रारम्भ हो व अन्य पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत तक आरक्षण के साथ प्रमोशन में भी आरक्षण मिले.

हालांकि, उन्होंने माना कि केंद्र सरकार द्वारा उनके लिए काफी काम किए जा रहे हैं, पर राज्य सरकार उनकी अनदेखी कर रही है. अगर राज्य सरकार इसी तरह उनकी अनदेखी करेगी तो वो धर्म परिवर्तन करने पर भी बाध्य हो सकते हैं.

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अगर सरकार उनकी अनदेखी करने में लगी रहेगी तो इस तरह से इस धर्म में रहने का क्या फायदा है. अगर सरकार उनकी बात नहीं सुनती है तो पूरे प्रदेश की अनुसूचित जाति के लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे, साथ ही कोर्ट के माध्यम से भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.

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