First Republic Day Parade: जब वायु सेना के 100 विमानों ने दिखाए थे करतब

History of Republic Day Parade: गणतंत्र दिवस की वो पहली परेड काफी खास थी. 26 जनवरी 1950 को जब पहले गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया गया तो जम्मू-कश्मीर में हुए ऑपरेशन के दौरान बहादुरी दिखाने के लिए चार शूरवीरों को सम्मानित किया गया था.

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History of Republic Day Parade (फाइल फोटो) History of Republic Day Parade (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

  • 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था
  • इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे पहले मुख्य अतिथि

26 जनवरी 1950 को हमारा देश औपचारिक रूप से गणतंत्र बना. इसी दिन पहली गणतंत्र दिवस परेड भी निकली थी. इस खास दिन भारतीय वायु सेना के 100 से अधिक विमानों ने परेड के बाद उड़ान भरी थी. गणतंत्र दिवस की वो पहली परेड काफी खास थी. पहली परेड के दौरान फ्लाई पास्ट में हार्वर्ड्स, डकोटा, लिबरेटर्स,टेंपरेस्ट, स्पिटफायर और जेट विमानों ने हिस्सा लिया था. इसी दिन रॉयल शब्द रॉयल एयर फोर्स से हटा दिया गया था और भारतीय वायु सेना का उदय हुआ.

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कौन था मुख्य अतिथि

प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पहले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रेडियो पर राष्ट्र को संबोधित किया. इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो पहले गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे.

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परमवीर चक्र विजेता हुए सम्मानित

26 जनवरी 1950 को जब पहले गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया गया तो जम्मू-कश्मीर में हुए ऑपरेशन के दौरान बहादुरी दिखाने वाले चार शूरवीरों को सम्मानित भी किया गया था. इनमें मेजर सोमनाथ शर्मा भी शामिल थे, जिन्हें भारत का पहला परमवीर चक्र विजेता होने का गौरव हासिल है. नायक जदुनाथ सिंह को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया था. वहीं, कैप्टन राम राघोबा राणे और हवलदार करम सिंह ने व्यक्तिगत रूप से परमवीर चक्र पुरस्कार प्राप्त किए.

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पहला जश्न राजपथ पर नहीं

गणतंत्र दिवस के जश्न के बारे में याद करते ही दिल्ली का राजपथ याद आता है, हालांकि आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहला सेलिब्रेशन इरविन एम्फीथिएटर पर हुआ था. करीब 15 हजार लोग पहली परेड को देखने के लिए इकट्ठा हुए थे. अब इस जगह पर मेजर ध्यानचंद नैशनल स्टेडियम है. देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति एक बग्घी में सवार होकर एम्फीथिएटर पहुंचे थे.

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