नोटबंदी पर संसदीय समिति के सामने पेश हुए उर्जित पटेल

उर्जित पटेल ने समिति के सामने माना कि नोटबंदी का फैसला सरकार का था. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने RBI बोर्ड को हमेशा भरोसे में रखा. पटेल ने बताया कि नोटबंदी के बाद अब तक कुल 9.2 लाख करोड़ रुपये के नए करेंसी नोट जारी किये जा चुके हैं.

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नोटबंदी पर संसदीय समिति के सामने पेश हुए उर्जित पटेल नोटबंदी पर संसदीय समिति के सामने पेश हुए उर्जित पटेल

हिमांशु मिश्रा

  • दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 12:34 AM IST

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को नोटबंदी पर संसद की स्थायी समिति को सफाई दी.

सरकार ने रखा भरोसे में
उर्जित पटेल ने समिति के सामने माना कि नोटबंदी का फैसला सरकार का था. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने RBI बोर्ड को हमेशा भरोसे में रखा. पटेल ने बताया कि नोटबंदी के बाद अब तक कुल 9.2 लाख करोड़ रुपये के नए करेंसी नोट जारी किये जा चुके हैं.

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समिति के सदस्यों की ओर से उर्जित पटेल पर दागे गए कुछ सवाल और उनके जवाब कुछ इस तरह थे:

सवाल- नोटबंदी का फैसला सरकार का था या आरबीआई का?

जवाब- सरकार का

सवाल- क्या आरबीआई बोर्ड को इस फैसले को लेकर भरोसे में लिया गया था?

जवाब- हां, आरबीआई बोर्ड ने 8 नवंबर की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी?

सवाल- क्या आरबीआई और सरकार ने इसके असर के बारे में चर्चा की थी?

जवाब- आरबीआई नोटबंदी के अर्थव्यवस्था और जनता पर पड़ने वाले असर से वाकिफ था, इसलिए अलग अलग कदम उठाए गए थे. इसकी तैयारी जनवरी 2016 से ही की जा रही थी.

सवाल- क्या नोटबंदी का फैसला मौद्रिक नीति और आरबीआई एक्ट का उल्लंघन है?

जवाब- नहीं

सवाल- अभी तक कितनी रकम नई करेंसी के तौर पर बैंकिंग सिस्टम में आई है?

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जवाब- अभी तक 9.2 लाख करोड़ रुपए के नए नोट बैंकिंग सिस्टम में आ गए है.

सवाल- क्या नोटबंदी का मकसद अर्थव्यवस्था से नकदी को पूरी तरह खत्म करना था?

जवाब- इसका मकसद अर्थव्यवस्था से नकदी को खत्म करना नहीं बल्कि कैश के इस्तेमाल को कम करना है. ये भविष्य में फायदेमंद होगा.

सवाल- पैसे निकालने की लिमिट कब तक खत्म होगी?

जवाब- हम कोशिश कर रहे हैं. अमूमन एक खाताधारक औसतन 12,000 से 13,000 रुपए हर हफ्ते निकालता है. एक महीने में ये आंकड़ा करीब 50,00 रुपए तक आता है. लेकिन हमने तो एक हफ्ते में नकद निकासी की सीमा 24000 रुपए तक रखी है जो कि महीने के हिसाब से करीब एक लाख पहुंचती है.

कई सवालों पर टाले जवाब
हालांकि आरबीआई गवर्नर ने समिति के कई सवालों का जवाब टाल भी दिया. उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में वापस आया. उर्जित पटेल ने ये भी नहीं बताया कि बैंकिंग सिस्टम कब नॉर्मल होगा.


बैठक के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उर्जित पटेल से पूछा कि पैसों की निकासी पर लगी लिमिट कब खत्म होगी. जवाब में पटेल ने भरोसा दिलाया कि रिजर्व बैंक जल्द से जल्द ये लिमिट हटाने की कोशिश कर रहा है. इस आश्वासन से दिग्विजय सिंह संतुष्ट नहीं हुए. उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा कि क्या रिजर्व बैंक अफरातफरी के डर से लिमिट नहीं हटा रहा? इस पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने दिग्विजय सिंह को टोकते हुए कहा कि पटेल को इस सवाल का जवाब देने की जरुरत नहीं है.

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