ऊना दलित हिंसा मामले को लेकर बुधवार को जब पूरा संसद हंगामा और शोर में मशगूल था, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सदन में नींद की आगोश में थे. यही नहीं, नींद उन पर इस कदर हावी था कि कांग्रेस के सदन के वाकआउट को भी वह मिस करने वाले थे. वो तो भला हुआ उन सांसदों का जिन्होंने समय रहते राहुल गांधी को बाहर चलने के लिए कहा.
दरअसल, यह पूरा माजरा तब का है जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह ऊना हिंसा पर बयान दे रहे थे. इस दौरान सदन में जमकर हंगामा भी हो रहा था, लेकिन तभी राहुल गांधी को अपनी सीट पर सोते हुए देखा गया. चंद मिनटों की नींद के बाद जब वह जगे तो अपने मोबाइल फोन में व्यस्त हो गए. वह किसी को मैसेज कर रहे थे.
कांग्रेस का वाकआउट, लेकिन सीट पर बैठे रहे राहुल
हालात तब और दिलचस्प हो गए, जब हंगामे और विरोध के बीच कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया. लेकिन इन सब से अनजान राहुल अपनी सीट पर बैठे रहे. इस बीच कुछ सांसद राहुल गांधी तक पहुंचे और उन्होंने उनसे कहा कि पार्टी ने वाकआउट कर दिया है, आपको भी चलना चाहिए. तब कहीं जाकर राहुल अपनी सीट से उठे.
'इतने शोर में कोई कैसे सो सकता है'
दूसरी ओर, कांग्रेस अपने 'युवराज' के बचाव में उतर आई है. पार्टी की दिग्गज नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी सो नहीं रहे थे, बल्कि कुछ सोच रहे थे. उन्होंने कहा, 'कोई उतने शोर में कैसे सो सकता है? वह सो नहीं रहे थे. मुझे लगता है कि इस बात को बेवजह तूल दिया जा रहा है. कई बड़े मुद्दे हैं, जिनपर बात होनी चाहिए.'
गौरतलब है कि राहुल गांधी इससे पहले भी एक बार संसद में कार्यवाही के दौरान सोने को लेकर चर्चा में रहे हैं
स्वपनल सोनल / रीमा पाराशर