PM मोदी के भूटान दौरे के पहले दिन हाइड्रो पॉवर समेत 9 करार, RuPay कार्ड भी लॉन्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान में रुपे कार्ड लांच किया है. इसके साथ ही 9 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी किए.

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भूटान में चलेगा भारत का रुपे कार्ड भूटान में चलेगा भारत का रुपे कार्ड

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 17 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 11:24 PM IST

भारत के बाद अब भूटान में भी रुपे कार्ड चलेगा. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान दौरे पर हैं. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रुपे कार्ड लांच किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, 'दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और लोगों को एक साथ लाने के लिए मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग लोतेय ने संयुक्त रूप से रुपे कार्ड लांच किया. इससे दोनों देशों के नागरिकों को सुविधा होगी.'

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इसके अलावा पीएम मोदी ने 9 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. इनमें से एक समझौते के तहत इसरो थिम्पू में अर्थ स्टेशन बनाएगा. इसके अलावा दोनों देशों के बीच एक बिजली खरीद समझौता भी हुआ. अन्य समझौते के तहत विमान हादसे और दुर्घटना की जांच, न्यायिक शिक्षा, अकादमिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विधिक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एमओयू किए गए.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से 720 मेगावाट के मांगदेचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर प्लांट का उद्घाटन किया. एक समझौते के तहत थिम्पू में सैटकॉम नेटवर्क की स्थापना की जाएगी. रवीश कुमार ने कहा कि मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री ने संयुक्त रूप से ग्राउंड अर्थ स्टेशन और सैटकॉम नेटवर्क का उद्घाटन किया. इसका निर्माण इसरो के सहयोग से किया गया है. इससे भूटान के सुदूर इलाकों में रहने वालों को काफी सुविधा होगी.

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के थिम्पू पहुंचने पर भूटानी समकक्ष त्शेरिंग लोतेय ने उनकी अगवानी की. इसकी जानकारी देते हुए रवीश कुमार ने ट्वीट किया, 'हमारी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का केंद्रीय स्तंभ रहे भूटान के लिए प्रधानमंत्री मोदी की यह दूसरी यात्रा है और फिर से सरकार बनाने के बाद पहली यात्रा है. दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय आदान-प्रदान जारी है.'

बता दें कि भूटान यात्रा पर जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हिमालयी राष्ट्र के महत्व को उनकी सरकार भली भांति जानती है. मौजूदा कार्यकाल के प्रारंभ में ही हो रही यह यात्रा भारत और भूटान के बीच ठोस संबंधों को रेखांकित करती है.

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