पीएम केयर्स फंड का होगा ऑडिट, स्वतंत्र ऑडिटर की हुई नियुक्ति

आरटीआई कार्यकर्ताओं ने पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में भी इस फंड को चुनौती दी थी. हालांकि इन आरटीआई का जवाब नहीं दिया गया.

Advertisement
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-पीटीआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-पीटीआई)

आनंद पटेल

  • नई दिल्ली,
  • 14 जून 2020,
  • अपडेटेड 7:16 AM IST

  • देश में कोरोना वायरस का कहर जारी
  • पीएम केयर्स फंड को लेकर विवाद

देश में कोरोना वायरस तीन लाख से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कोरोना वायरस को हराने के लिए लगातार काम कर रही हैं. हालांकि इस बीच अब पीएम केयर्स फंड को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. वहीं अब पीएम केयर्स फंड का ऑडिट किया जाएगा.

Advertisement

विवादों और अदालती मामले से जूझते हुए मोदी सरकार ने शुक्रवार को पीएम केयर्स फंड की जानकारी अपडेट करने के लिए एक स्वतंत्र ऑडिटर की नियुक्ति की है. वहीं दो प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी मानद आधार पर फंड का संचालन करेंगे.

दरअसल, हाल ही में पीएम केयर्स फंड की जानकारी के लिए कोर्ट में आरटीआई दाखिल की गई थी. आरटीआई कार्यकर्ताओं ने पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में भी इस फंड को चुनौती दी थी. हालांकि इन आरटीआई का जवाब नहीं दिया गया.

हालांकि अब आरटीआई आवेदनों में से कुछ प्रश्नों का उत्तर पीएम केयर्स फंड की वेबसाइट पर दिया गया है. इसके मुताबिक यह फंड 27 मार्च को एक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत हुआ था. इसका मुख्य कार्यालय दक्षिण ब्लॉक में पीएम कार्यालय के रूप रजिस्टर है.

Advertisement

ऑनलाइन आरटीआई

बता दें कि आरटीआई के जरिए पीएम केयर्स फंड के बारे में जानकारी मांगी गई थी. हालांकि पीएमओ की ओर से जानकारी देने से इनकार कर दिया गया था. सीपीआईओ की तरफ से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी को ये कहकर खारिज कर दिया गया था कि पीएम केअर्स फंड आरटीआई के दायरे में नहीं आता है.

फंड पर विवाद

हालांकि शुरुआत से ही पीएम केयर्स फंड विवादों से भरा हुआ है. दरअसल, पीएम केयर्स फंड के लिए सीएसआर दान को इजाजत है लेकिन सीएम राहत कोष के लिए नहीं है. इसके अलावा ढाई महीने के बाद भी बोर्ड के ट्रस्टी के नाम सामने नहीं आए हैं. पीएम नेशनल रिलीफ फंड के लिए कोई पीएसयू दान नहीं, लेकिन पीएम केयर्स के लिए इसकी इजाजत है. इसके अलावा विदेशी दान पर भी पारदर्शिता का अभाव है.

दान की अपील

दरअसल, वर्तमान में देश में कोरोना वायरस का कहर देखा जा रहा है. हर रोज नए कोरोना वायरस के मरीजों की पुष्टि हो रही है. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च के महीने में कोरोना महामारी से निपटने के लिए लोगों को पीएम केयर्स फंड में दान देने की अपील की थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement