राहुल गांधी को पीयूष गोयल का जवाब- देश को लूटने वाले ही सब्सिडी को मुनाफा बता सकते हैं

पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में लिखा है, देश को लूटने वाले ही सब्सिडी को मुनाफा बता सकते हैं. रेलवे ने राज्य सरकारों से ली गई राशि से कहीं अधिक पैसा श्रमिक ट्रेनों को चलाने में लगाया. अब लोग पूछ रहे हैं कि सोनिया जी के टिकट के पैसे देने के वादे का क्या हुआ?

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फाइल फोटो) केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 3:27 PM IST

  • राज्य सरकारों से ली गई राशि से ज्यादा ट्रेन संचालन पर खर्च
  • राहुल बोले- आपदा को मुनाफे में बदल कर कमा रही सरकार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हमला बोला है. राहुल गांधी ने एक ट्वीट में केंद्र की मोदी सरकार पर आपदा में भी मुनाफा कमाने का आरोप लगाया था. इस पर जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में लिखा है, देश को लूटने वाले ही सब्सिडी को मुनाफा बता सकते हैं. रेलवे ने राज्य सरकारों से ली गई राशि से कहीं अधिक पैसा श्रमिक ट्रेनों को चलाने में लगाया. अब लोग पूछ रहे हैं कि सोनिया जी के टिकट के पैसे देने के वादे का क्या हुआ?

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बता दें, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया जिस पर काफी चर्चा हो रही है. राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा कि बीमारी के ‘बादल’ छाए हैं, लोग मुसीबत में हैं, बेनिफ़िट ले सकते हैं - आपदा को मुनाफ़े में बदल कर कमा रही है ग़रीब विरोधी सरकार.' इस ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने एक खबर को भी टैग किया है. राहुल के इस ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने जवाब दिया है.

राहुल गांधी ने शनिवार को एक रिपोर्ट पर ट्वीट करते हुए आपदा में मुनाफा कमाने की टिप्पणी की. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना महामारी के समय में भारतीय रेल ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 428 करोड़ रुपये की कमाई की है. राहुल गांधी ने लॉकडाउन के दौरान श्रमिक मजदूरों के लिए चलाई गई ट्रेनों के किराये को लेकर टिप्पणी की है. उस वक्त किराये को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा था. हालांकि सरकार ने कहा था कि किराये का 85 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन कर रही है.

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बता दें, कोरोना संक्रमण की वजह से जब 25 मार्च को देश में अचानक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था तो बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लाखों मजदूर दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों में फंस गए थे. बाद में श्रमिक मजदूरों ने ट्रेन बंद होने और अन्य किसी साधन की सुविधा नहीं होने से पैदल ही अपने घर की ओर लौटना शुरू कर दिया था.

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