जानवरों के लिए दुनियाभर में काम करने वाली गैर-सरकारी संस्थान पेटा (PETA) की एक होर्डिंग को लेकर विवाद जारी है. ये विवाद लखनऊ के कैसरबाग इलाके के प्रमुख चौराहे पर एक होर्डिंग पर बकरे की लगाई गई तस्वीर को लेकर है. विवाद बढ़ने के बाद तस्वीर को हटा दिया गया था. वहीं, अब पेटा का कहना है कि वह इस होर्डिंग को फिर से लगाएगी.
पेटा ने ट्वीट किया कि हमारी होर्डिंग दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई में लगी है और हम इसे फिर से लखनऊ में लगाए जाने की उम्मीद करते हैं. हम इसे हटाने को लेकर सहमत नहीं हैं, क्योंकि शाकाहारी खाने और जानवरों के प्रति दया की बात करने में कुछ भी गलत नहीं है.
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, मुसलमानों के सबसे बड़े पर्वों में से एक ईद उल अज़हा (बकरीद) नजदीक है. ऐसे में लखनऊ के कैसरबाग इलाके के प्रमुख चौराहे पर एक होर्डिंग पर बकरे की तस्वीर लगाई गई थी. इस होर्डिंग में एक बकरे का फोटो बनाया गया था, जिसपर लिखा गया- मैं जीव हूं मांस नहीं, हमारे प्रति नजरिया बदलें.
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मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने पुलिस कमिश्नर को खत लिखकर इस बारे में ऐतराज जताया . उन्होंने कहा है कि जल्द ही ईद आने वाली है. इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग बकरे की कुर्बानी करते हैं. ऐसे में यह होर्डिंग लगाने का मतलब मजहबी जज्बात को ठेस पहुंचाना है. उन्होंने पुलिस से इसे हटवाने की मांग की. जिसके बाद लखनऊ की पुलिस ने शुक्रवार शाम को होर्डिंग नीचे उतार दिया था.
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