ट्राले पर लदा बोइंग 737 विमान, सड़क पर जाते देख सभी हैरान

एयर इंडिया के कबाड़ हो चुके इस विमान को स्क्रैप डीलर जोगेंद्र सहवाग ने खरीदा है. सड़क के रास्ते विमान को ले जाने की पूर्व अनुमति मिल जाने के बाद इसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लाया गया.

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विमान को देखने के लिए जींद में लोगों का तांता विमान को देखने के लिए जींद में लोगों का तांता

खुशदीप सहगल

  • जींद,
  • 11 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 6:35 PM IST

हरियाणा के जींद में पहुंचा एयर इंडिया का बोइंग 737 विमान लेकिन दिल्ली से 125 किलोमीटर का सफर तय करने में इसे 56 घंटे लग गए. लगते भी क्यों नहीं आखिर ये विमान हवा में उड़ कर नहीं बल्कि बड़े ट्राले पर लोड होकर सड़क के रास्ते जो जींद पहुंचा था.

सड़क पर देखने वालों का लग गया तांता

दरअसल, एयर इंडिया के कबाड़ हो चुके इस विमान को स्क्रैप डीलर जोगेंद्र सहवाग ने खरीदा है. सड़क के रास्ते विमान को ले जाने की पूर्व अनुमति मिल जाने के बाद इसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लाया गया. मंगलवार सुबह दिल्ली में इस विमान को ट्राले में लादा गया. दिल्ली से जींद लाते वक्त ये विमान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा. विमान को गुरुग्राम, झज्जर, रोहतक के रास्ते जींद लाया गया. सड़क पर इस विमान की वजह से कई जगह जाम की स्थिति बन गई. लोग अपनी गाड़ियां रोक-रोक कर विमान के साथ सेल्फी लेते दिखे.

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स्क्रैप डीलर जोगेंद्र सहवाग के पिता राजेंद्र सहवाग ने बताया कि उनके बेटे ने दो विमान स्क्रैप नीलामी में खरीदे थे जिनमें से एक बिक चुका है. राजेंद्र सहवाग के मुताबिक अभी इस दूसरे विमान के बारे में तय नहीं किया गया है कि इसका क्या किया जाएगा. जब तक तय नहीं किया जाता तब तक विमान को जींद में ही रखा जाएगा.

जींद में विमान आने की खबर जंगल की आग की तरह आसपास के इलाकों में फैल गई. बच्चों को तो जैसे खेल ही मिल गया. वो सीढ़ी लगाकर विमान के अंदर तक पहुंच गए और खिड़की से बाहर का नजारा देखने लगे. इस काम में बड़ी उम्र के लोग भी पीछे नहीं रहे. एक शख्स ने कहा कि विमान में बैठने का शौक शायद जिंदगी भर पूरा नहीं हो पाता लेकिन आज ये हसरत पूरी हो गई. कुछ लोग मजाक में ये कहते भी सुने गए- चढ़ जाओ भाई चढ़ जाओ, अभी विमान उड़न लागेगा.

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कबाड़ में खरीदे जाने वाले इन विमानों के अनेक प्रायोजनों में इस्तेमाल किया जाता है. कहीं इनको नया रंग रूप देकर एयरो ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे भी उदाहरण मिलते हैं जहां कबाड़ विमानों को खरीदकर होटल-रेस्टोरेंट का रूप दे दिया गया. अमेरिका के आरेगॉन में रहने वाले एक शख्स ने ऐसे ही एक विमान को अपने घर की ही शक्ल दे दी थी.

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