Union Budget 2020: बजट की 'सीक्रेट ड्यूटी' में थे तैनात, पिता के निधन के बाद पेश की मिसाल

Union Budget 2020: कुलदीप कुमार शर्मा, 22 जनवरी से बजट प्रिंटिंग के काम में लगे हैं. वहीं 26 जनवरी 2020 को उनके पिता का निधन हो गया लेकिन उन्होंने अपने काम को प्राथमिकता दी. कुलदीप अभी भी नॉर्थ ब्लॉक के अंदर बजट की छपाई में लगे हैं.

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Union Budget 2020: नॉर्थ ब्लॉक के अंदर बंद हैं कुलदीप Union Budget 2020: नॉर्थ ब्लॉक के अंदर बंद हैं कुलदीप

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

  • कुलदीप, बजट जैसे महत्वपूर्ण और गोपनीय काम में लगे हैं
  • वो दस दिनों के लिए नॉर्थ ब्लॉक के अंदर लॉक हैं

बोलचाल में आपने कई लोगों को यह कहते सुना होगा, ड्यूटी फर्स्ट यानी कि काम पहले. लेकिन कुलदीप कुमार शर्मा, वित्त मंत्रालय में डिप्टी मैनेजर (मीडिया) ने इस कहावत को चरितार्थ किया है. यानी, कर के दिखाया है. कुलदीप, बजट जैसे महत्वपूर्ण और गोपनीय काम में लगे हुए थे इसी दौरान उनके पिता का निधन हो गया लेकिन इस दुख की घड़ी में भी उन्होंने काम के लिए परिवार और उनके दायित्व को पीछे छोड़ दिया.

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दरअसल कुलदीप कुमार शर्मा, 22 जनवरी से बजट प्रिंटिंग के काम में लगे हैं. वहीं 26 जनवरी 2020 को उनके पिता का निधन हो गया लेकिन उन्होंने अपने काम को प्राथमिकता दी. कुलदीप अभी भी नॉर्थ ब्लॉक के अंदर बजट की छपाई में लगे हैं.

वित्त मंत्रालय ने कुलदीप कुमार शर्मा के इस फैसले की तारीफ की है. उन्होंने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'दुख के साथ सूचित कर रहा हूं कि श्री कुलदीप कुमार शर्मा, डिप्टी मैनेजर (मीडिया) के पिता का निधन 26 जनवरी 2020 को हो गया है. शर्मा फिलहाल बजट ड्यूटी पर हैं और दस दिनों के लिए नॉर्थ ब्लॉक के अंदर लॉक हैं. इतने बड़े नुकसान के बाद भी शर्मा ने तय किया है कि वो एक मिनट के लिए भी अपनी जिम्मेदारी नहीं छोड़ेंगे.' 

 

बता दें कि 22 जनवरी को हलवा सेरेमनी के साथ ही बजट की प्रिंटिंग के लिए एक टीम नॉर्थ ब्लॉक के अंदर लॉक हो गयी है. वो एक फरवरी को बाहर निकलेंगे. दरअसल दस दिनों तक बजट की प्रिंटिंग का काम होता है. इस दौरान गोपनीयता बरकरार रखने के लिए सभी संबंधित कर्मचारियों को बाहर नहीं निकलने दिया जाता है.

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इस तरह की विशेष परिस्थिति में ही उन्हें बाहर निकलने की इजाजत होती है. लेकिन कुलदीप कुमार शर्मा ने अपने काम की गंभीरता को समझते हुए बजट की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए अपने पिता की अंत्येष्टि में नहीं जाने का फैसला किया है.   

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