मसूद अजहर पर दबिश के लिए अमेरिका की मदद लेगा NIA, बैंक खातों को किया जाएगा सील

एनआईए के मुताबिक मसूद अजहर अभी भी अपने ठिकानों पर छुट्टा घूम रहा है. पाकिस्तान की ओर से पठानकोट हमले की जांच के लिए आई टीम सबूत लेकर पाकिस्तान लौटी तो जरूर, लेकिन उनकी ओर से कार्रवाई के कोई पुख्ता संकेत नहीं मिल रहे हैं.

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आतंकी मसूद अजहर आतंकी मसूद अजहर

स्‍वपनल सोनल / जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2016,
  • अपडेटेड 4:52 PM IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अमेरिका की मदद से आतंकी मसूद अजहर पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. एनआईए ने मसूद अजहर और जैश-ए-मोहम्मद के ऐसे खातों का पता लगाया है, जिनका रिश्ता विदेशी बैंकों से है. जांच एजेंसी ने ऐसे तीन बैंक अकाउंट की मनी ट्रैल का पता लगाकर अमेरिका से इन खातों को सीज करने में मदद मांगी है. इन खातों में चंदे के माध्यम से जमा राशि जमा की जाती है.

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बताया जाता है कि इन खातों में जमा पैसे से जैश-ए-मोहम्मद आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है. एनआईए के मुताबिक मसूद अजहर अभी भी अपने ठिकानों पर छुट्टा घूम रहा है. पाकिस्तान की ओर से की जांच के लिए आई टीम सबूत लेकर पाकिस्तान लौटी तो जरूर, लेकिन उनकी ओर से कार्रवाई के कोई पुख्ता संकेत नहीं मिल रहे हैं. लिहाजा एनआईए ने अब अपने स्तर से मसूद और उसके संगठन की आर्थिक ताकत को तोड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं.

चंदे के लिए इंटरनेट के जरिए अपील
एनआईए ने जैश की आर्थिक ताकत यानी ऑनलाइन चंदा इकट्ठा करने के तरीकों पर गहरी छानबीन की है. इसी दौरान आतंकी संगठन के ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें चंदे की राशि‍ जमा होती है. ये सभी अकाउंट अंतरराष्ट्रीय बैंकिग चैनल से जुड़े हैं. अभी तक ऐसे तीन बैंक खातों का पता चला है जो पाकिस्तान में हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बैंकिग सिस्ट्म से भी जुड़े हैं.

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इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय मदद से उन अकाउंट में जमा पैसे को फ्रीज किया जा सकता है. एनआईए ने अमेरिका से ऐसे तीन बैंक अकाउंट की जानकारी साझा की है. बताया जाता है कि पाकिस्तान में अपने स्टॉल लगाकर चंदा इकट्ठा करता है. इतना ही नहीं, उसकी कई बेवसाइट्स पर चंदा देने के लिए नंबर जारी किए गए हैं.

ईद के मौके पर मेलों में चंदे का स्टॉल
इसके अलावा ईद या दूसरे धार्मिक त्योहारों के मौके पर भी जैश मेलों में चंदे के लिए स्टॉल लगाता है. खुफिया जानकारी के मुताबिक, इन स्टॉल्स पर सरेआम भारत के खिलाफ नारे लिखे जाते हैं. ईद के मौके पर कुर्बानी देने बाद बकरों और दूसरे जानवरों की खालों को चंदे के तौर पर लिया जाता है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इन खालों को बेचने से ही कई सौ करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा हो जाता है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने अभी तक इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की है. लिहाजा पाकिस्तानी बैंकों में इकट्ठा पैसे पर हिंदुस्तान भी बहुत ज्यादा कार्रवाई नहीं कर सकता है.

जल्द ही जारी होगा रेड कॉर्नर नोटिस
भारत ने को सौंपी गई 17 पेजों के दस्तावेजों में मसूद अजहर और उससे जुड़े हुए तमाम ट्रस्ट में आने वाले पैसों का जिक्र किया है. एनआईए अभी पाकिस्तान जाकर जांच करने के पाकिस्तान के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी कार्रवाई में कमी भी नहीं कर रहा. पठानकोट मामले में आरोपी चार आतंकवादियों मौलान मसूद अजहर, उसका भाई और जैश का ऑपरेशनल कमांडर रऊफ, पठानकोट मामले का हैंडलर काशिफ जान और शाहिद लतीफ के खिलाफ अगले एक-दो दिन में रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी होने वाला है.

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