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कांग्रेस के मजबूत दुर्ग माने जाने वाली रायबरेली की सियासत नई करवट लेती हुई नजर आ रही है. रायबरेली संसदीय सीट पर वोटिंग के 8 दिन के बाद ही सियासी वर्चस्व की जंग तेज हो गई है. कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनावी मैदान में बीजेपी से ताल ठोकने वाले दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ रायबरेली में सारे विरोधी एकजुट हो गए हैं. उन्होंने दिनेश प्रताप सिंह के भाई अवधेश सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से बेदखल करने का कवायद तेज कर दी है. बता दें कि रायबरेली में जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले जिले में जमकर बवाल हुआ. रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह लखनऊ से रायबरेली के लिए जिला पंचायत चुनाव में पहुंच रही थीं. अदिति सिंह के साथ जिला पंचायत सदस्य राकेश अवस्थी समेत करीब 28 जिला पंचायत सदस्य थे.2-
लोकसभा चुनाव के महासमर के बीच पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच घमासान जारी है. टीएमसी से राज्यसभा में सांसद डेरेक ओ' ब्रायन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल के लिए ‘कंगाल बांग्ला’ शब्द प्रयोग करने पर मंगलवार को उन पर भड़क गए.
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अभी लोकसभा चुनाव के आखिर चरण के मतदान होना बाकी है, लेकिन सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है. सिर्फ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ही नहीं, बल्कि थर्ड फ्रंट की भी कवायद शुरू हो गई है. 23 मई की मतगणना के बाद चुनाव नतीजे जारी किए जाएंगे. अगर इस चुनाव में किसी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, तो देश का सियासी समीकरण पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक बदल जाएगा.
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कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का बयान तूल पकड़ता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर बीजेपी और कांग्रेस नेता आमने सामने आ गए हैं. अय्यर की टिप्पणी का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संज्ञान लिया और एक ट्वीट में कहा कि 'मुद्दे पर हम एकदूसरे के खिलाफ जरूर लड़ें लेकिन एकदूसरे के खिलाफ हिंसा या नफरत न फैलाएं.'
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है. हाल ही के समय में सीमा पर तनाव भले ही कम हुआ हो लेकिन भारत अभी भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर रहा है. भारतीय सेना ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अब अपने सभी एयर डिफेंस यूनिट को बॉर्डर के करीब ले जाना तय किया है. बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के कुछ विमान इस ओर घुस आए थे, ऐसे में ये उसी का जवाब माना जा रहा है.
टीके श्रीवास्तव