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कोरोना वायरस इटली और स्पेन में तो कहर बरपाने के बाद अब अमेरिका में विनाशक बन गया है. अमेरिका में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की चपेट में आकर 345 लोगों की मौत हो गई है, जबकि यहां 18000 नये मामले सामने आए हैं. इस लिहाज से अमेरिका में हर मिनट में लगभग 13 कोरोना के नये मरीज सामने आ रहे हैं. इसी के साथ अमेरिका में कोरोना से संक्रमित कुल मरीजों की संख्या 100000 पार कर गई है. इसी के साथ ही अमेरिका ने कोरोना केस के मामले में चीन, इटली और स्पेन को पीछे छोड़ दिया है.
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कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई है. वहीं हर दिन COVID-19 संक्रमितों की संख्या में भी इजाफा होता जा रहा है. अभी तक देश में कोरोना की वजह से 20 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि संक्रमितों की संख्या बढ़कर 834 हो गई है. इससे पहले शुक्रवार को संक्रमितों की संख्या 724 थी, यानी कि एक दिन में 100 से अधिक मामले सामने आए हैं.
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कोरोना से आज पूरी दुनिया संक्रमित है. दुनिया के संपन्न देशों में हर रोज कोरोना के मामले और मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं. इन सबके बीच एक वैज्ञानिक अध्ययन से थोड़ी राहत की सांस ये दुनिया ले सकती है. एक स्टडी में ये बात सामने आ रही है कि अगर गर्मी बढ़ेगी तो हो सकता है कि कोरोना के कहर में कमी आए. कोरोना के जहरीले वायरस से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश हो रही है. लेकिन कोशिशों से आगे एक उम्मीद मौसम है.
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कोरोना वायरस के चलते देशभर में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया गया है. ऐसे में लोगों को जरूरी चीजों को लेकर मशक्कत करनी पड़ रही है. हालांकि नोएडा अथॉरिटी लोगों की इस दिक्कत को दूर करने के लिए होम डिलीवरी सर्विस शुरू करने जा रही है. ये सर्विस 28 मार्च यानी आज से शुरू हो जाएगी. नोएडा अथॉरिटी के सीईओ के मुताबिक, आवश्यक चीजों की डोर टू डोर डिलीवरी के लिए 1500 डिलीवरी बॉय होंगे. नोएडा अथॉरिटी ने 260 फार्मेसी, 450 किराने के सामान और ई-कॉमर्स के लिए करीब 1500 डिलीवरी बॉय तय कर दिए हैं.
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कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए पूरा हिंदुस्तान घरों में कैद हो गया है, तो दूसरी ओर मोदी सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में लगी हुई है. पीएम मोदी पिछले एक महीने से कोरोना को लेकर सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों के मंत्रियों और सचिवों के साथ ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर रणनीति बना रहे हैं और कोरोना के संक्रमण के कारण होने वाले नुकसान रोकने की कोशिश कर रहे हैं.
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