News Wrap: लोकपाल के लिए अन्ना हजारे का अनशन, पढ़ें सुबह की बड़े खबरें

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर आंदोलन करने का ऐलान किया है. वह बुधवार को सुबह 10 बजे महाराष्ट्र के अहमद नगर जिले स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनशन पर बैठेंगे.

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अन्ना हजारे अन्ना हजारे

अजीत तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने एक बार फिर आंदोलन करने का ऐलान किया है. वह बुधवार को सुबह 10 बजे महाराष्ट्र के अहमद नगर जिले स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनशन पर बैठेंगे. उन्होंने मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि लोकपाल कानून बने 5 साल हो गए और नरेंद्र मोदी सरकार पांच साल तक बहानेबाजी करती रही. उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी सरकार के दिल में अगर होता तो क्या इसमें 5 साल लगना जरूरी था?'

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अन्ना ने कहा कि, 'ये मेरा अनशन किसी व्यक्ति, पक्ष और पार्टी के खिलाफ में नहीं है. समाज और देश की भलाई के लिए बार-बार मैं आंदोलन करता आया हूं, उसी प्रकार का ये आंदोलन है.' बता दें कि 2011-12 में अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली के रामलीला मैदान पर तत्कालीन यूपीए सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन हुआ था. यह भी खास बात है कि उस आंदोलन में शामिल रहे कई चेहरे अब सियासत में आ चुके हैं. अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बन चुके हैं, किरण बेदी पुडुचेरी की राज्यपाल नियुक्त हो चुकी हैं. वहीं, अन्ना एक बार फिर अनशन पर बैठने जा रहे हैं. इस बार आंदोलन का स्थान दिल्ली न होकर अन्ना का अपना गांव रालेगण सिद्धि ही है.

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या से ठीक पहले जवाहर लाल नेहरू को अनहोनी का अंदेशा हो गया था. 30 जनवरी, 1948 को बापू की हत्या से ठीक पहले नेहरू ने पांच पत्र लिखे, जिनसे जाहिर होता है कि वे देश में हिंदू महासभा और आरएसएस की बढ़ती गतिविधियों से बेचैन थे. उन्हें आभास हो गया था कि देश में हालात कुछ ठीक नहीं हैं. 22 नवंबर, 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा. इसमें उन्होंने कहा, ‘हमारे सामने बाहरी खतरा उतना बड़ा नहीं है, जितना कि भीतरी खतरा है. प्रतिक्रियावादी ताकतें और सांप्रदायिक संगठन आजाद भारत का ताना-बाना ध्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं. वे इस बात को नहीं समझते कि अगर तबाही शुरू हुई तो वे खुद भी नहीं बचेंगे. इसलिए हमें इन ताकतों से सख्ती से निबटना होगा.’

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आम चुनावों से पहले अंतरिम बजट की तैयारी में लगी केन्द्र सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीते पांच साल के दौरान वित्तीय घाटे को संभालने की कवायद का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की है. केन्द्र सरकार पिछले साल वित्तीय घाटे के लक्ष्य को पाने में विफल रही है और मौजूदा साल 2018-19 के दौरान भी वह निर्धारित 3.3 फीसदी वित्तीय घाटे के लक्ष्य पाने में विफल होने की तरफ बढ़ रही है.

दुनिया के भ्रष्ट देशों की लिस्ट जारी की गई है, जिसके हिसाब से भारत की स्थिति में सुधार हुआ है. 180 देशों की इस सूची में भारत तीन स्थान के सुधार के साथ 78वें पायदान पर पहुंच गया है. यानी भारत से ज्यादा रूस, चीन और पाकिस्तान समेत 102 देशों में ज्यादा भ्रष्टाचार है. सोमालिया दुनिया का सबसे भ्रष्ट देश बताया गया है.

31 जनवरी 2019 को ट्राई डेडलाइन है. DTH के नियम बदलने वाले हैं. इसके लिए यूजर्स के पास कंपनियां मैसेज भेज रही हैं. 1 फरवरी से टीवी देखने का अनुभव बदलने वाला है.  नई कीमतें होंगी नए तरीके होंगे. नए रेग्यूलेशन से नए टर्म्स भी आ गए हैं. अला कार्टे का भी नाम सुन रहे होंगे. इसका मतलब आप अपने हिसाब से चैनल के पैसे दे सकते हैं. यानी जो देखना है, उसी के पैसे.

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