मेघालय में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने के बावजूद कांग्रेस सरकार बनाने में सफल नहीं हो सकी है. बीजेपी ने एनपीपी को समर्थन देकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. कोनराड संगमा के नेतृत्व में 34 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया गया है. वहीं, दूसरी तरफ बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन की बात महज अफवाह है. पढ़ें, रविवार शाम की पांच बड़ी खबरें...
1.
मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा के अंदेशे के बीच अब सरकार बनने की स्थिति साफ हो गई है. राज्य में 6 सीटें जीतने वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) ने 19 सीटें जीतने वाली नेशनल पीपल पार्टी (एनपीपी) को समर्थन दिया है. 4 सीटें पाने वाली पीडीएफ और 2-2 सीटें जीतने वाली बीजेपी और एचएसपीडीपी और एक निर्दलीय विधायक भी एनपीपी को समर्थन दे रहे हैं. एनपीपी के नेता कोनराड संगमा ने रविवार शाम को राज्यपाल को इन सभी पार्टियों के विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी.
2.मेघालय में एनपीपी के नेतृत्व में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है. राज्य के नए मुख्यमंत्री कोनराड संगमा होंगे. राज्य में 19 सीटों पर जीत हासिल करने वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया है. एनपीपी के नेता और मेघालय में मुख्यमंत्री बनने वाले कोनराड संगमा को विरासत में ही राजनीति मिली है.
उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों के उपचुनाव के मद्देजनर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की खबरों का बसपा सुप्रीमो ने खंडन किया है. उन्होंने गठबंधन की अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया कि ऐसी जानकारी महज अफवाह है.
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सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया रिश्वत कांड में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और आईएनएक्स कंपनी की मालिक इंद्राणी मुखर्जी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. जानकारी के मुताबिक इस पूछताछ में इंद्राणी ने सीबीआई अधिकारियों की पूछताछ में कार्ति पर लगे आरोपों को दोहराया. उन्होंने कहा कि वह और उनके पति पीटर मुखर्जी तत्कालीन वित्त मंत्री (पी. चिदंबरम) के कहने पर कार्ति से मिले थे. हालांक, कार्ति ने इन आरोपों से इनकार किया.
5.
सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र के लिए कांग्रेस ने अपनी आक्रामक रणनीति तैयार कर ली है. पार्टी रणनीतिकारों ने संसद में सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दों की सूची को अंतिम रूप भी दे दिया है. साथ ही तमाम विपक्षी दलों से भी समर्थन की बात की है. ऐसे में संसद के इस सत्र के फिर हंगामेदार रहने के ही आसार हैं.
जावेद अख़्तर