NewsWrap: मोदी को रोकने को केंद्र में कर्नाटक मॉडल तैयार, पढ़िए 5 बड़ी खबरें

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले सोनिया गांधी विपक्ष दलों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. पढ़िए शुक्रवार सुबह की 5 बड़ी खबरें.

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फाइल फोटो (Courtesy- aajtak.in) फाइल फोटो (Courtesy- aajtak.in)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 मई 2019,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है. यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्ष दलों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. पढ़िए शुक्रवार सुबह की 5 बड़ी खबरें.

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है. यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्ष दलों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई हैं और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर तीसरे मोर्चे की सरकार की कवायद में जुटे हुए हैं. इन सबके बीच नरेंद्र मोदी को दोबारा से सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस कर्नाटक मॉडल की तर्ज पर भी केंद्र में सरकार गठन का दांव चल सकती है. हालांकि कांग्रेस की पहली कोशिश विपक्षी दलों के साथ खुद की सरकार बनाने को लेकर है.

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मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने 17 अप्रैल 2019 को बीजेपी में शामिल हुई थीं. उसी दिन उन्हें भोपाल से प्रत्याशी बना दिया गया. प्रचार में उतरने के साथ ही उनके विवादित बयान सुर्खियां बनने लगे. उन्होंने मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे के बारे में बोला, उन्होंने राम मंदिर के बारे में अपनी राय जाहिर की और अब उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे पर बोलकर बीजेपी को मुश्किल में डाल दिया. बीजेपी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहना पड़ा कि गोडसे वाले बयान पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. फोन करने वाले बदमाश ने कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी को पांच करोड़ न देने पर उड़ा देने की धमकी दी है. मंत्री को धमकी भरी फोन कॉल 12 मई को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर आई. फोन करने वाले ने कहा," पिछली बार हमले में तुम बच गए, मगर इस बार तुम्हारे चीथड़े हो जाएंगे. अगर खुद को सही सलामत रखना चाहते हो तो पांच करोड़ फौरन भेज दो." इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री नंदी के लीगल एडवाइजर ने प्रयागराज कोतवाली में रंगदारी मांगने की शिकायत करते हुए केस दर्ज कराया.

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चुनाव एक ऐसा वक्त है जब बड़े से बड़ा वीआईपी नेता जनता के बीच आकर खड़ा होता है और ये अहसास दिलाने की कोशिश करता है कि वो आपके ही बीच से निकला हुआ एक आम आदमी है और आपके लिए ही सत्ता की लड़ाई लड़ रहा है. चुनाव के इस मौसम में जनता के प्रति नेताओं का अपनापन और बढ़ता नजर आता है. बात चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हो या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की, ये नाम ऐसे लोगों के हैं जिनकी तैनाती में खड़े जवानों की एक चूक भी जान लिए खतरा साबित हो सकती है.

बंगाल में चुनाव का प्रचार का शोर थम चुका है. लाउड स्पीकर बांधे जा चुके हैं और मंच उखाड़े जा चुके हैं. मतदान तक यहां न ममता बनर्जी की आवाज सुनाई देगी और नरेंद्र मोदी की लेकिन अभी तक जो हुआ है वो राजनीति की पराकाष्ठा है. नरेंद्र मोदी हों या ममता बनर्जी या फिर अमित शाह, सत्ता की ख्वाहिश में भाषा के जिस स्तर तक चले गए उसने बंगाल के चुनाव प्रचार पर प्रश्न चिह्न लगा दिया.

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