दो साल पूरे होने पर PM मोदी बोले- मैं खुद पहल करके लाहौर गया, लेकिन आतंकवाद पर समझौता नहीं

एक अमेरिकी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने दो साल में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, भ्रष्टाचार को रोकने और ग्रामीण इनफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की दिशा में जरूरी कदम उठाए हैं.

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ब्रजेश मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2016,
  • अपडेटेड 5:11 PM IST

केंद्र में सत्ता के दो साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सुधारों और विकास की राह में आगे बढ़ने का एजेंडा तय किया है. उन्होंने कहा कि दो साल में सरकार ने अर्थव्यस्था को इतनी रफ्तार दी है कि यह दुनिया की सबसे तेज उभरने वाली अर्थव्यवस्था बन गई है.

एक अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए गए इंटरव्यू में ने कहा कि उन्होंने दो साल में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, भ्रष्टाचार को रोकने और ग्रामीण इनफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की दिशा में जरूरी कदम उठाए हैं. इससे देश में बिजनेस करना आसान हुआ है. उन्होंने कहा, 'वास्तव में मैंने ज्यादा से ज्यादा बदलाव किए हैं. मेरे पास खुद के लिए और भी कई जरूरी काम हैं.'

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अमेरिकी कांग्रेस में करेंगे भारत का गुणगान
अगले महीने वाशिंगटन के दौरे पर जाने वाले पीएम मोदी वहां इस बात का संदेश देंगे कि दुनिया की सबसे तेजी से वैश्विक स्तर पर नए चैलेंज के साथ आगे बढ़ने को तैयार है. इस दौरे पर वह अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी मुलाकात करेंगे और अमेरिकी कांग्रेस के एक साझा सत्र को भी संबोधित करेंगे.

'आतंकवाद के मुद्दे पर समझौता नहीं'
ने कहा, 'भारत ने विकास किया है. अब वह पहले की तरह एक कोने पर खड़ा रहने वाला देश नहीं है.' उन्होंने कहा कि वह पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंध सुधारने में भरोसा रखते हैं और लगातार इसके लिए प्रयास करते रहे हैं. मोदी ने कहा, 'मैं खुद पहल करके लाहौर गया था. मैं अच्छे संबंध चाहता हूं, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे. यह एक विकराल समस्या है और इससे निपटना है.'

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है. डिफेंस का इम्पोर्ट बहुत बड़ा है. सरकार उसके लिए हर देश से बात कर रही है.

'भूमि अधिग्रहण पर राज्यों को दी छूट'
भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन की केंद्र सरकार की कोशिशें पूरी हो चुकी हैं. राज्य सरकारें चाहें तो अपने-अपने हिसाब से इसमें बदलाव कर सकती हैं. बता दें कि मोदी सरकार ने संसद में बिल पास कराने की पूरी कोशिश की लेकिन राज्यसभा में विरोध के चलते बिल अटक गया.

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