पूर्वोत्तर भारत के 3 राज्यों में चुनाव परिणाम आने के बाद अब सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई है. त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी 25 साल के वामयुग को खत्म करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर यहां अपनी पहली सरकार बनाने जा रही है तो नगालैंड में बीजेपी-एनडीपीपी गठबंधन ने सरकार बनाने के लिए दावा पेश कर दिया है.
60 सदस्यीय में विधानसभा में चुनाव पूर्व हुए गठबंधन में और एनडीपीपी बहुमत के बेहद करीब पहुंच गया, लेकिन 2 सीट कम रह गई. राज्य में सरकार बनाने के लिए 31 विधायकों का समर्थन चाहिए था, जबकि गठबंधन के पास 59 में से 29 विधायक ही थे. लेकिन रविवार को राज्यपाल पीबी आचार्य से मिलकर इस गठबंधन ने 32 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा कर दिया.
राज्यपाल से की मुलाकात
ने नवगठित पार्टी की अगुवाई में बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव और अन्य नेताओं ने राज्यपाल आचार्य से मुलाकात की और उन्होंने राज्य में सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का दावा पेश किया.
रिओ ही गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार घोषित किए गए थे, जो पहले ही वहां निर्विरोध चुन लिए गए. एनडीपीपी ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि उसकी साझीदार बीजेपी ने 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए. बीजेपी को 12 सीटें हासिल हुईं जो उसका यहां सबसे शानदार प्रदर्शन भी है. पिछले चुनाव (2013) में उसे राज्य में महज एक सीट मिली थी. एनडीपीपी को 17 सीटें हासिल हुईं.
एनपीएफ भी दावेदार
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग की पार्टी नेशनल पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) भी फिर से सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है. सीएम जेलियांग का कहना है कि उनकी पार्टी 27 सीट जीतकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, ऐसे में सबसे पहले उसे ही सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.
हेमंत कौशिक