PM मोदी के दौरे से पहले म्यांमार बॉर्डर पर भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई, आतंकी कैंप तबाह

खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना को इस कैंप की जानकारी बहुत पहले हो गई थी और यह ऑपरेशन 2-3 दिन से एक्‍टिव था. हालांकि सेना ने सोमवार सुबह 7:30 बजे कैंप पर हमला बोला. इस कार्रवाई में सेना के 21 पैरा (एसएफ) के जवान शामिल हैं. ऑपरेशन में एक जवान भी घायल हो गया.

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भारतीय सेना भारतीय सेना

अंकुर कुमार

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  • 04 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

पर एक आतंकवादी कैंप को नष्‍ट कर दिया है. भारत-म्यांमार सीमा पर नागा आतंकी संगठन एनएससीएन (के) एक आतंकवादी कैंप को नष्ट कर दिया गया है. साथ ही इस कार्रवाई में एक आतंकी संगठन एनएससीएन (के) का एक आतंकवादी भी मारा गया है. अरुणाचल प्रदेश के लॉन्‍ग्‍ाडिंग जिले में हुए इस ऑपरेशन में सेना को भारी सफलता हाथ लगी है.

दो दिन से चल रहा था ऑपरेशन

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खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना को इस कैंप की जानकारी बहुत पहले हो गई थी और यह ऑपरेशन 2-3 दिन से एक्‍टिव था. हालांकि सेना ने सोमवार सुबह 7:30 बजे कैंप पर हमला बोला. इस कार्रवाई में सेना के 21 पैरा (एसएफ) के जवान शामिल हैं. ऑपरेशन में सेना का एक जवान भी घायल हो गया.

बड़ी कामयाबी

यह क्रॉस बॉर्डर अटैक नहीं था और सेना ने भारतीय सीमा में रहते हुए बॉर्डर पर स्थित इस कैंप को तबाह कर दिया. कैंप पर हमले के बाद कई आतंकी भाग गए. सेना ने 1 एके56 और 200 गोलियां बरामद की है. ऑपरेशन जारी है और सेना बाकी आतंकियों पर कार्रवाई कर रही है.

सामान्‍य कार्रवाई : आर्मी चीफ

इस ऑपरेशन के शुरू होने के बाद आर्मी चीफ बिपिन रावत ने इस संबंध में गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू और उत्तर-पूर्वी भारत से संबंधित मामलों के राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह से मुलाकात की. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने इस कार्रवाई को एक सामान्‍य कार्रवाई बताया. आर्मी चीफ बिपिन रावत के अनुसार ऐसे ऑपरेशन रोज होते रहते हैं.

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2015 में भी किया था हमला

जून 2015 में भी 21 यूनिट के करीब 70 कमांडरों के एक दल ने म्यांमार सीमा पर रात के अंधियारे में लक्ष्य पर किए गए सटीक हमले में एनएससीएन (के) और केवाईकेएल उग्रवादी समूहों के 38 विद्रोहियों को मार गिराया था. माना जाता है कि एनएसीएन (के) और केवाईकेएल दोनों समूह ही चार जून 2015 को घात लगाकर किए गए भीषण हमले के लिए जिम्मेदार थे, जिनमें 18 सैनिक मारे गए और 11 अन्य घायल हो गए थे. शिविर पर हमला करना और नष्ट करने का अभियान 40 मिनट चला था. कमांडो ने मुठभेड़ में न सिर्फ शिविर में मौजूद लोगों को मार गिराया गया, बल्कि रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल भी किया गया और एक शिविर में आग लगा दी गई थी.

पीएम जा रहे हैं म्‍यांमार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 सितंबर को म्‍यांमार के दौरे पर निकल रहे हैं. वह म्‍यांमार के तीन शहरों का दौरा करेंगे. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत म्‍यांमार के साथ अपने रणनीतिक और औद्योगिक संबंध बढ़ाने में जुटा हुआ है. वहीं, दूसरी तरफ, चीन के साथ म्‍यांमार की बेरुखी बढ़ती जा रही है. ऐसे में डोकलाम का तो भारत-चीन ने कूटनीतिक हल निकाल लिया है, लेकिन ये दोनों देश एकबार फिर सामने आ सकते हैं. इस बार वजह बन सकता है म्‍यांमार.

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