बुधवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं. 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए जाने के फैसले के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने बिना पूरी तैयारी के ही नोटबंदी का फैसला कर लिया जिसकी वजह से आम जनता को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
केंद्र में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार भी विपक्ष के हमले का जवाब देने के लिए तैयार है. केंद्र सरकार विपक्ष के हमलों का इन तीन तरीकों से जवाब दे सकती है...
1. आतंकवाद
भारत और पाकिस्तान की सरहद पर इस वक्त माहौल गर्म है. उरी में आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया. इन घटनाओं के बाद दोनों मुल्कों के रिश्ते में कड़वाहट जरूर पैदा हुई है लेकिन आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है. पिछले कुछ महीने से सुलग रहे कश्मीर में भी शांति लौटने लगी है. सरकार विपक्ष के हमलों को रोकने के लिए आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को गिना सकती है.
दूसरी तरफ मोदी सरकार ने 500 और 1000 के पुराने नोट बंद कर जाली नोटों के कारोबार पर नकेल कस दी है. भारत में जाली नोटों के कारोबार में पाकिस्तान की अहम भूमिका होती है. इसके अलावा बड़े नोटों पर बैन लगाने से आतंकवाद की कमर भी टूटेगी. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के फैसले से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को तगड़ा झटका लगा है. आईएसआई कश्मीर में अराजकता और आतंकवाद फैलाने के लिए बड़ी मात्रा में हवाला और जाली नोटों का इस्तेमाल करती है.
2. काला धन
पीएम मोदी ने नोटबंदी को भ्रष्टाचार और काले धन से आजादी की लड़ाई करार दिया है. बीजेपी का मानना है कि पुराने नोट बंद किए जाने के सरकार के फैसले से लोगों के बीच अच्छा संदेश गया है. नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान काला धन के खिलाफ जंग का वादा देश की जनता से किया था. नोटबंदी के ऐलान के बाद काला धन रखने वालों की नींद उड़ी है. ऐसे में सरकार यह कह सकती है कि उसने काला धन के खिलाफ जंग के वादे को पूरा किया है.
3. गरीबी
नोटबंदी के ऐलान से पीएम मोदी ने देशवासियों को यह संदेश देने की भी कोशिश की है कि उन्होंने गरीबों की भलाई के लिए ऐसा किया है. पीएम मोदी को यह भी अहसास है कि सरकार के इस फैसले से फिलहाल आम जनता को दिक्कत आ रही है. लेकिन सरकार का दावा है कि नोटबंदी से काली कमाई के अमीरों का पैसा या तो बर्बाद हो जाएगा या फिर दंड के तौर पर सरकारी खजाने जमा होगा. सरकारी खजाने में जमा होने से देश के आर्थिक विकास में प्रगति आएगी.
काले धन का बड़ा हिस्सा रियल स्टेट सेक्टर में लगता है. इससे जमीन और मकान की कीमतें आसमान छू रही थीं. अब उम्मीद है कि जमीन और मकान की कीमतें कम होने से रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट आएगी. इससे आम जनता को राहत मिलेगी जो महंगाई के चलते घर का सपना पूरा नहीं कर पा रही है. पीएम मोदी ने भी अपने भाषण में इस बात का जिक्र किया है कि नोटबंदी से अमीर और गरीब सब एक हो गए हैं.