मनी लॉन्ड्रिंग पर केंद्र सरकार की पैनी नजर, बनाया गया 19 सदस्यीय पैनल

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों की जांच के लिए केंद्र सरकार ने उच्च-स्तरीय पैनल का गठन किया है. 19 सदस्यीय इस पैनल में 5 सचिव स्तर के अफसर शामिल हैं. पैनल में वित्त और विदेश मंत्रालय के सचिवों के अलावा जांच एजेंसियों और कई नियामक प्राधिकरणों के अफसर भी शामिल हैं.

सांकेतिक तस्वीर
कमलजीत संधू
  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 10:09 AM IST

  • केंद्र सरकार ने उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया
  • 19 सदस्यीय समिति में सचिव स्तर के 5 अफसर

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों की जांच के लिए केंद्र सरकार ने उच्च-स्तरीय पैनल का गठन किया है. 19 सदस्यीय इस पैनल में 5 सचिव स्तर के अफसर शामिल किए गए हैं. पैनल में वित्त और विदेश मंत्रालय के सचिवों के अलावा जांच एजेंसियों और कई नियामक प्राधिकरणों के अफसर भी शामिल हैं.

देश में बढ़ती मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राजस्व सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालय समिति गठित की. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस समिति का काम मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए विभिन्न विभागों, मंत्रालयों और कानून अनुपालन एजेंसियों के बीच समन्वय बनाना होगा.

क्या होगी समिति की भूमिका?

इस उच्च स्तरीय समिति में 19 सदस्य रखे गए हैं, जिसमें वित्त और विदेश मंत्रालय के सचिव समेत पांच सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे. इसके अलावा, विभिन्न नियामकों और जांच एजेंसियों के प्रमुख भी इसमें शामिल हैं.

उच्च स्तरीय समिति का काम सरकार और जांच एजेंसियों के बीच समन्वय बनाना ही नहीं होगा, बल्कि समिति मनी-लॉन्ड्रिंग रोकथाम और आंतकवाद के लिए वित्तपोषण को रोकने से जुड़ी नीतियों के विकास और लागू करने का भी काम करेगी.

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