शीला दीक्षित ने अजय माकन पर फोड़ा हार का ठीकरा

कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर शीला दीक्षित का कहना है कि पार्टी में नाराज लोगों को मनाया जाता है और जिसके हाथ में कमान है उसे ही ये काम करना पड़ता है लेकिन हमारे यहां इसके ठीक उल्टा हुआ है. उन्होंने कहा कि हार की समीक्षा की जाएगी और आलाकमान आगे की रणनीति तय करेगा.

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प्रदेश अध्यक्ष के नाते बताया जिम्मेदार प्रदेश अध्यक्ष के नाते बताया जिम्मेदार

कुमार विक्रांत

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

दिल्ली एमसीडी के नतीजों के तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. तीनों ही एमसीडी में बीजेपी प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ चुकी है. हार के बाद दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने हार के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा क्योंकि दिल्ली में कांग्रेस का नेतृत्व उन्हीं के हाथों में था इसीलिए हार के लिए भी वही ज़िम्मेदार हैं.

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कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर शीला दीक्षित का कहना है कि पार्टी में नाराज लोगों को मनाया जाता है और जिसके हाथ में कमान है उसे ही ये काम करना पड़ता है लेकिन हमारे यहां इसके . उन्होंने कहा कि हार की समीक्षा की जाएगी और आलाकमान आगे की रणनीति तय करेगा.

शीला दीक्षित ने कहा कि हम चुनाव अच्छे नतीजों के लिए लड़े थे लेकिन जब तक आप खुद मजबूत नहीं होंगे तब तक आप एक अच्छी लड़ाई नहीं लड़ सकते. साथ ही उन्होंने कहा कि लेकिन हमें जनादेश को सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए.

बीजेपी की जीत पर कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने कहा कि आज का माहौल उनके पक्ष में है लेकिन हमेशा ऐसा नहीं रह सकता. दिल्ली में कांग्रेस ने भी लंबे वक्त तक दिल्ली में सरकार चलाई है और अच्छे से चलाई है. आम आदमी पार्टी पर शीला दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल को पंजाब विधानसभा चुनाव में हार मिली, बाकी राज्यों में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा इससे साफ जाहिर है कि जनता उनको समझ चुकी है. दिल्ली की जनता केजरीवाल के बरगलाने में नहीं आई है.

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संदीप का माकन पर बड़ा हमला
संदीप दीक्षित ने आजतक से कहा कि कांग्रेस ने वापसी का सुनहरा मौका खो दिया है.दरअसल, मैंने आपसे पहले ही कहा था कि तंगदिल, बुज़दिल और कम दिमाग का नेतृत्व थोपा गया था दिल्ली पर.

माकन के इस्तीफे पर बरसे संदीप दीक्षित
जब चुनाव में वो अपनी चला रहे थे, किसी की नहीं सुन रहे थे, तो बुरी हार की ज़िंमेदारी भी उनकी ही बनती है. लेकिन वो खुद कैसे तय कर सकते हैं कि, एक साल पद नहीं लेंगे और एक साल के बाद ले लेंगे. क्या वो खुद पार्टी हैं, पार्टी से बड़े हैं वो. माकन खुद पद नहीं लेना तो तय कर सकते हैं, लेकिन उनको क्या और कब पद देना है ये तो पार्टी तय करती है.

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