कुमारस्वामी सरकार गिरने पर भड़कीं मायावती, बताया- लोकतंत्र का काला अध्याय

मायावती ने कहा, कर्नाटक में बीजेपी ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखने के साथ-साथ जिस प्रकार से सत्ता व धनबल का इस्तेमाल करके सरकार को गिराने का काम किया है, वह लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा.

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बसपा प्रमुख मायावती (फाइल फोटो) बसपा प्रमुख मायावती (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

कर्नाटक के सियासी घमासान के बीच कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार के धराशायी होने पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने लोकतंत्र के इतिहास में इसे काला अध्याय बताया है. उन्होंने कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है.

मायावती ने ट्वीट किया, 'कर्नाटक में बीजेपी ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखने के साथ-साथ जिस प्रकार से सत्ता व धनबल का इस्तेमाल करके सरकार को गिराने का काम किया है वह भी लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा. इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है.'

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इससे पहले BSP प्रमुख मायावती ने कर्नाटक में पार्टी के एकमात्र विधायक को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया. पार्टी ने कर्नाटक में विश्वास मत के दौरान अपने विधायक को कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मत करने के लिए कहा था लेकिन विधायक कार्रवाई में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद उन्हें निलंबन झेलना पड़ा है.

मायावती ने ट्वीट किया, 'बसपा विधायक एन. महेश को कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मत डालने के लिए निर्देश दिए गए थे. लेकिन, वह सदन से अनुपस्थित रहे. यह स्पष्ट तौर पर अनुशासनहीनता है और पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है. महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है.'

मायावती का यह ट्वीट कर्नाटक में कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जद (एस) सरकार के विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के कारण गिर जाने के कुछ ही देर बाद आया. हालांकि, विधायक एन. महेश ने कहा कि मुझे ट्वीट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मुझे पार्टी से क्यों निकाला गया है. मुझे मतदान से पहले परहेज करने के लिए कहा गया था.

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मंगलवार शाम विश्वास मत में कुमारस्वामी की सरकार 6 मतों के अंतर से हार गई. सरकार के पक्ष में 99 मत पड़े जबकि विरोध में 105. वोटिंग के समय 20 विधायक गायब रहे.

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