तमिलनाडु का महाबलीपुरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ तटों पर पानी से जुड़ी स्पोर्ट्स गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया गया है.
पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच शिखर बैठक से जुड़े कार्यक्रम 11 से 13 अक्टूबर तक होने हैं. इसके लिए कोवलम से महाबलीपुरम तक 20 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा को लेकर खास प्रबंध किए जा रहे हैं. इन 20 दिन में यहां किसी को सर्फिंग, पैडलिंग, डाइविंग या तैरने की अनुमति नहीं होगी.
कोवलम में शौकत जमाल सर्फिंग स्कूल चलाते हैं. जमाल ने इंडिया टुडे को बताया कि प्रतिबंध से पहले उन्हें किसी तरह की आधिकारिक सूचना नहीं मिली. 22 सितंबर को पुलिस ने मौखिक तौर पर बताया कि वीवीआईपी आवाजाही होने की वजह से उन्हें ना सर्फिंग की इजाजत होगी और ना ही इसे सिखाने की. जब तक शिखर बैठक खत्म नहीं हो जाती, कोवलम तक ये प्रतिबंध लागू रहेगा.
जमाल ने कहा, 'पीएम के दौरे से 20 दिन पहले ही सर्फिंग और वाटर स्पोर्ट्स पर रोक लगा देने से ना सिर्फ हमारा बल्कि सारे सर्फ़िंग स्कूल प्रभावित होंगे. हमारे यहां मछुआरे भी काम करते हैं. ये उनके लिए आय का अतिरिक्त स्रोत है. हमें उनका वेतन देना है. हमारे पास और कोई जरिया नहीं है.'
जमाल ने कहा कि 20 दिन में सिर्फ किराए और वेतन पर ही उन्हें डेढ़ लाख रुपए खर्च करने होंगे. बंदिशों से ना सिर्फ जमाल बल्कि कोवलम फिशिंग गांव में रहने वाले युवा भी परेशान हैं. इसी गांव के रहने वाले और सर्फिंग में माहिर विजय ने कहा, 'मैं जमीन से ज्यादा वक्त समुद्र में गुजारता हूं. अगर वो मुझे समुद्र में नहीं जाने देंगे तो फिर मैं कहां जाऊं.'
गांव में 12 लड़कों का ग्रुप है जो खुद को कोको क्लब का सदस्य बताता है. ये ग्रुप गांव के बच्चों को सर्फिंग सिखाता है. वे सैलानियों को भी 300 से 500 रुपए प्रति घंटा के हिसाब से सर्फिंग कराते हैं लेकिन सीजन के वक्त बंदिशों से ये ग्रुप भी परेशान है. इसी गांव के रहने वाले राजेश ने कहा, 'उन्होंने सर्फिंग बंद कर दी है. जल्दी ही वे मछली पकड़ने लगेंगे. लोगों के घरों में ये परेशानी का समय है. हम बैठे रहेंगे और अपनी टूटी नौकाओं को ठीक करेंगे.'
कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप के डीएसपी बालामुरुगन ने इंडिया टुडे से कहा, 'तट के पास होने वाली पानी से जुड़ी गतिविधियों को सीमित करने का फिलहाल आदेश है. जिन लोगों के पास NOCs (अनापत्ति पत्र) हैं, वो काम जारी रख सकते हैं. बाकी सब को रोका जाएगा. 4 अक्टूबर से कोवलम से महाबलीपुरम तक 20 किलोमीटर के तट पर पानी से जुड़ी सभी गतिविधियों पर पूरी तरह बैन रहेगा.'
क्षेत्र में मछुआरे भी आशंकित हैं. उनका कहना है कि मछली पकड़ने पर भी रोक लग जाएगी. 50 वर्षीय मछुआरे सेल्वासिगामनी ने कहा, 'अगर वो मछली पकड़ने पर रोक लगा देंगे तो हमारा काम प्रभावित होगा. हमारी आमदनी पर बुरा असर पड़ेगा. हम पैसे के लिए किससे कहेंगे. क्या हम सरकार से इसके लिए कहेंगे?'
शालिनी मारिया लोबो