करगिल युद्ध को आज (26 जुलाई) 20 साल पूरे हो गए हैं. इस मौके पर देश भर में शहीदों को याद किया जा रहा है और श्रद्धांजलि दी जा रही है. इसी कड़ी में कर्नाटक के शिवमोगा में भारतीय सैनिकों को समर्पित एक पार्क का निर्माण किया गया है. इसका उद्घाटन आज करगिल विजय दिवस के अवसर पर किया जाएगा. पार्क आज से आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा.
कर्नाटक के शिवमोगा में बना ये पार्क पूरी तरह से सैनिकों को समर्पित है. इस पार्क में सैनिकों के साहस भरे कामों को उकेरा गया है. पार्क में सैनिकों की मूर्तियां बनाई गई हैं, जिसमें दर्शाया गया है कि देश के लिए जान न्यौछावर करने वाले सैनिक किस तरह से अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की सुरक्षा करते हैं. पार्क में बनाई गई मूर्तियों में दिखाया गया है कि सैनिक किस तरह से लोगों की जान बचाने के लिए रेस्क्यू करते हैं और दुश्मनों पर विजय हासिल कर जीत की खुशी भी मनाते हैं.
1999 में करगिल युद्ध
भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में करगिल युद्ध हुआ था. इसकी शुरुआत 8 मई 1999 से हुई थी, जब पाकिस्तानी फौजियों और कश्मीरी आतंकियों को करगिल की चोटी पर देखा गया था. पाकिस्तान इस ऑपरेशन की 1998 से तैयारी कर रहा था. 20 साल पहले सरहद पर भारत ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ाते हुए घुसपैठियों को करगिल की पहाड़ियों से वापस खदेड़ दिया था. हिंदुस्तान के जवानों ने पाकिस्तान पर फतह हासिल की थी.
एक बड़े खुलासे के तहत पाकिस्तान का दावा झूठा साबित हुआ कि करगिल लड़ाई में सिर्फ मुजाहिद्दीन शामिल थे. बल्कि सच ये है कि यह लड़ाई पाकिस्तान के नियमित सैनिकों ने भी लड़ी. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व अधिकारी शाहिद अजीज ने यह राज उजागर किया था.
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