नए नागरिकता कानून के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसे लेकर कई राज्यों के अलग-अलग हिस्से में धारा 144 लागू कर दी गई है. कर्नाटक हाईकोर्ट में शुक्रवार सुबह याचिका दायर कर धारा 144 लागू करने को चुनौती दी गई. इस पर बेंगलुरु में लगाई गई धारा 144 पर विचार किया गया.
कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अभय ओका ने कहा कि क्या आप सभी विरोध पर पाबंदी लगा रहे हैं, प्रक्रिया के तहत पहले से दी गई इजाजत को आप कैसे रद्द कर सकते हैं?
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल को निर्देश दिया है कि आज शाम 4 बजे जवाब दे कि पहले जहां शांति से प्रोटेस्ट चल रहा है, क्या वहां धारा 144 लगाई गई है.
क्या असहमति पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं कर सकता कोई?
चीफ जस्टिस अभय ओका ने धारा 144 के आदेश को लेकर चुनौती दी गई याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि क्या राज्य सरकार धारणा बना चुकी है कि हर प्रदर्शन हिंसक हो होगा, क्या कोई लेखक या कलाकार सरकार के फैसले से असहमत है, तो वो शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं कर सकता है?
बीते दिन इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री बीएस. येदियुरप्पा ने प्रदर्शन के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया. कर्नाटक के कलबुर्गी क्षेत्र में गुरुवार को मुस्लिम-लेफ्ट ऑर्गेनाइजेशन ने CAA के विरोध में प्रदर्शन किया, इस दौरान पुलिस ने 20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया.
बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है. ग्रामीण इलाकों समेत बेंगलुरु शहर में धारा 144 लागू की गई है. सुबह ही राज्य के मुख्यमंत्री बीएस. येदियुरप्पा ने बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक भी की थी.
नोलान पिंटो