कर्नाटक के हबली शहर में शुक्रवार सुबह एक युवा जिम ट्रेनर समीर मुल्ला (23) पर कथित हमला हुआ. यह घटना ओल्ड हबली पुलिस स्टेशन के पास हुई. पुलिस के अनुसार, यह हमला उसके और एक लड़की के बीच संबंध से जुड़ी पारिवारिक अनबन की वजह से हुआ, न कि लव जिहाद से. पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने बताया कि सुबह 8 से 9 बजे के बीच कुछ लोग समीर के घर आए. वहां विवाद हुआ और उसके बाद उसे जबरन ले जाया गया. इसे लेकर उसके परिवार और लड़की के परिवार के बीच और भी टकराव हुआ. समीर को बाद में पुलिस स्टेशन लाया गया और अस्पताल में इलाज शुरू हुआ.
शहर पुलिस कमिश्नर ने मीडिया से कहा कि मामला पूरी तरह से व्यक्तिगत विवाद का है. उन्होंने कहा कि यह ‘लव जिहाद’ जैसी किसी साजिश से जुड़ा नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले में अपराध की दृष्टि से जांच करेगी और शिकायतों के आधार पर आवश्यक मामले दर्ज किए जाएंगे.
समीर की बहन तैसीम मुल्ला ने बताया कि उसके भाई को एक समूह ने जबरदस्ती उठा लिया और हमला किया. उसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. तैसीम के अनुसार, सुबह लगभग 7 बजे एक बड़ा समूह उनके घर आया और समीर को उठा ले गया. परिवार ने उसे ढूंढा लेकिन लगभग दो घंटे तक उसका कोई पता नहीं चला. बाद में उसे अस्पताल में चोटों के साथ पाया गया.
पुलिस ने खारिज किए लव जिहाद के आरोप
तैसीम ने यह भी बताया कि समीर और लड़की पिछले तीन साल से रिश्ते में थे. उसने आरोप लगाया कि दोनों की तस्वीरें और वीडियो किसी समूह में साझा किए गए थे. उन्होंने लव जिहाद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है और केवल न्याय चाहता है.
दूसरी ओर लड़की की मां रजेश्वरी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को समीर और उसके परिवार ने परेशान और भ्रमित किया. उन्होंने कहा कि समीर ने उनकी बेटी को भटकाया और कोई संबंध वास्तव में मौजूद नहीं था. रजेश्वरी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले चार-पांच दिनों से समीर और उसका परिवार उनकी बेटी को परेशान कर रहा था.
रजेश्वरी ने कहा कि उस दिन उनके घर पर हमला हुआ. आरोप है कि समीर के परिवार के लोग पेट्रोल, हॉकी स्टिक और तलवार लेकर आए और हमला किया. उन्होंने कहा कि उनका मकसद घर जलाना और परिवार को डराना था. पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद का है. पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक क़ानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
परिवार और लड़की के परिजनों के अलग-अलग आरोप
स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और शहर में सुरक्षा के प्रति सचेत हैं. पुलिस ने भी सभी पक्षों को समझाया कि मामले का समाधान कानून के अनुसार होगा और किसी भी तरह के गलत दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा. पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि समीर को मामूली चोटें आई हैं और वह अस्पताल में इलाजरत है. उन्होंने कहा कि घटना के समय परिस्थितियों को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि दोनों परिवारों में पहले से तनाव था.
पुलिस आयुक्त ने जोर देकर कहा कि ‘लव जिहाद’ के आरोपों को फैलाने वाले संगठन भ्रमित कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और कानून के अनुसार होगी. समीर की बहन तैसीम ने कहा कि उसका परिवार केवल न्याय चाहता है और अपने भाई को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाना चाहता है. उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि सभी अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
रजेश्वरी ने भी मीडिया से कहा कि उनका परिवार अपनी बेटी की सुरक्षा चाहता है और किसी भी तरह की अफवाहों को रोकने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को वास्तविक नुकसान से बचाना प्राथमिकता है. इस घटना ने हबली शहर में व्यक्तिगत विवाद और पारिवारिक दबाव की गंभीरता को उजागर किया है. स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और कानूनी रास्ते से ही समाधान खोजने की अपील की है.
जांच जारी और न्याय की मांग
पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है और सभी संबंधित दस्तावेजों और साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि जांच के आधार पर अपराधियों के खिलाफ उचित मामला दर्ज किया जाएगा. शहर के लोग इस घटना को लेकर चिंतित हैं और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ हद तक राहत महसूस कर रहे हैं. प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ाने और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के निर्देश जारी किए हैं.
aajtak.in