‘जिनपिंग दे रहे इमरान का साथ’, सिब्बल बोले- 56 इंच की छाती दिखाओ मोदीजी

कपिल सिब्बल ने कहा है कि शी जिनपिंग जम्मू-कश्मीर के मसले पर इमरान खान का समर्थन कर रहे हैं, ऐसे में महाबलीपुरम में पीएम मोदी को उनसे सीधी बात करनी चाहिए.

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कपिल सिब्बल का पीएम मोदी पर निशाना कपिल सिब्बल का पीएम मोदी पर निशाना

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

  • चीन के मसले पर कपिल सिब्बल का वार
  • सिब्बल ने ट्वीट कर पीएम मोदी को घेरा
  • आज भारत आ रहे हैं शी जिनपिंग

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार को दो दिन के भारत दौरे पर आ रहे हैं. इस यात्रा के शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. कपिल सिब्बल ने कहा है कि शी जिनपिंग जम्मू-कश्मीर के मसले पर इमरान खान का समर्थन कर रहे हैं, ऐसे में महाबलीपुरम में पीएम मोदी को उनसे सीधी बात करनी चाहिए.

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कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को इस मसले पर ट्वीट किया कि एक तरफ शी जिनपिंग जम्मू-कश्मीर के मसले पर इमरान खान के समर्थन में खड़े हैं, उम्मीद है कि मोदी जी महाबलीपुरम में जिनपिंग की आंख में आंख डालकर कुछ मुद्दे उठाएंगे.

सिब्बल ने इस दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 5000KM. जमीन पर कब्जा, ह्यूवाइ के मसले को उठाने की बात कही है. कांग्रेस नेता ने लिखा कि अब अपनी 56 इंच की छाती दिखाओ, या हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और हैं.

गौरतलब है कि कपिल सिब्बल से पहले कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे से पहले मोदी सरकार पर हमला बोला था. मनीष तिवारी ने ट्वीट कर अपील की थी कि पीएम मोदी को चीन के सामने हांगकांग का मुद्दा उठाना चाहिए, अगर चीन जम्मू-कश्मीर के मसले पर बात कर सकता है तो हम हांगकांग या तिब्बत के मुद्दे पर चीन से बात क्यों नहीं कर सकते हैं.

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पीएम मोदी-शी जिनपिंग की यात्रा से जुड़ी तस्वीरों के लिए यहां पर क्लिक करें..

चीन ने जम्मू-कश्मीर पर क्या कहा था?

दरअसल, चीन ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर यू-टर्न लिया था जिसके बाद भारत ने करारा जवाब दिया था. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के दौरे के बीच चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान दिया था कि भारत-पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र चार्टर से सुलझाने को कहा था, हालांकि भारत ने इसपर जवाब देते हुए कहा था कि ये भारत का आंतरिक मसला है ऐसे में कोई दूसरा देश इसपर बयानबाजी ना करे.

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