भागवद्गीता को सिलेबस में शामिल किए जाने का कमल हासन ने किया विरोध

कमल हासन ने कहा कि छात्र हमेशा अच्छी किताबें पढ़ने को तैयार रहते हैं. ऐसी किताबों से को सिलेबस की तरह शामिल करने की ज़रूरत नहीं है. छात्रों ने जो भी विषय चुना है उसी से जुड़ी सामग्री छात्रों को सिलेबस में पढ़ने देनी चाहिए.

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कमल हासन (फाइल फोटो) कमल हासन (फाइल फोटो)

लोकप्र‍िया वासुदेवन

  • चेन्नई,
  • 04 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

  • अच्छी बात है पीएम मोदी ने तमिल भाषा की प्रशंसा की: कमल हासन
  • धार्मिक किताबों को सिलेबस की तरह शामिल करने की जरूरत नहीं

अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने अन्ना यूनिवर्सिटी के सिलेबस में भागवद्गीता को शामिल करने का विरोध किया है. मक्कल निधि मय्यम (MNM) पार्टी के संस्थापक कमल हासन ने कहा, ये अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिल भाषा की प्रशंसा कर रहे हैं.  

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तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी AIADMK को राजनीतिक कारोबारी बताया. उन्होंने ये टिप्पणी तमिलनाडु के मंत्री जयाकुमार के बयान के जवाब में की. दरअसल, कुमार ने कहा था कि कमल हासन अपनी पार्टी को फूड स्टॉल की तरह चला रहे हैं. इस पर कमल हासन ने कहा, 'वो भी चला रहे हैं और मैं भी स्टॉल चला रहा हूं. वो मेरे प्रतिद्वन्द्वी हैं और मैं उन्हें राजनीतिक कारोबारियों के तौर पर देखता हूं.'  

भागवद्गीता पर क्या बोले?

कमल हासन ने कहा कि छात्र हमेशा अच्छी किताबें पढ़ने को तैयार रहते हैं. कंटेंट (ऐसी किताबों से) को सिलेबस की तरह शामिल करने की ज़रूरत नहीं है. अगर ऐसा है तो कई किताबों को शमिल करने की ज़रूरत होगी. लोग ये हुक्म नहीं दे सकते कि ये धर्म है या वो धर्म है. छात्रों ने जो भी विषय चुना है उसी से जुड़ी सामग्री छात्रों को सिलेबस में पढ़ने देनी चाहिए. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें तय करने देना चाहिए कि वे धार्मिक उपदेशक या बनना चाहते हैं धार्मिक प्रोपेगेंडा चलाने वाले. ये उनका फैसला होगा, ये सिलेबस का हिस्सा नहीं होना चाहिए.

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प्रधानमंत्री पर क्या बोले?

जब कमल हासन से प्रधानमंत्री मोदी की ओर से तमिल की प्रशंसा के संबंध में सवाल पूछा गया कि क्या ये तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने की कोशिश है तो उन्होंने कहा, इसमें गलत क्या है. पीएम नगालैंड जाते हैं तो वहां की टोपी पहनते हैं और कुछ देर के लिए डांस करते हैं. इसलिए पीएम को हमारी भाषा की महानता के बारे में बोलने देना चाहिए.

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