NEWSWRAP: JNU के नकाबपोश बेनकाब, पढ़ें शुक्रवार शाम की पांच बड़ी खबरें

आजतक के स्टिंग ऑपरेशन (JNU Tapes) में नकाबपोश ने खुद JNU में हिंसा किए जाने की बात को स्वीकार किया है. खुद को एबीवीपी कार्यकर्ता बताने वाला अक्षत अवस्थी भी इस हमले में शामिल था. उसने खुद हिंसा में शामिल होने की बात को स्वीकार की है.

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जेएनयू में हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र (फोटो-PTI) जेएनयू में हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र (फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा के मामले में पुलिस अब तक कोई भी गिरफ्तारी करने में नाकाम रही है. इसी बीच इंडिया टुडे की स्पेशल इन्वे​स्टीगेटिव टीम (SIT) ने अपनी तफ्तीश में संभावित हमलावरों की पहचान की है. हमलावरों ने खुद ही यह माना है कि उन्होंने वामपंथी रुझान वाले छात्रों पर बाहरी छात्रों की मदद से हमले की योजना बनाई थी. हमलावरों का साथ देने के लिए बाहर से आने वाले छात्र दक्षिणपंथी रुझान के हैं. साथ ही पढ़ें शुक्रवार शाम की 5 बड़ी खबरें.

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आजतक ने एक स्टिंग ऑपरेशन (JNUTapes) किया है. जिसमें हिंसा फैलाने वालों ने खुद जेएनयू में हिंसा किए जाने की बात को स्वीकार किया है. खुद को एबीवीपी कार्यकर्ता बताने वाला अक्षत अवस्थी भी इस हमले में शामिल था. अक्षत ने खुद हिंसा में शामिल होने की बात को स्वीकार की है. हमले के दौरान अक्षत ने हेलमेट पहना हुआ था. उसने बताया कि 20 लोग जेएनयू के और 20 बाहर से बुलाए गए थे.

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार रात को हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को 9 लोगों की तस्वीर जारी की है. इसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष का भी नाम. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि जिनकी पहचान हुई है उनमें चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, योगेंद्र भारद्वाज, प्रिया रंजन, विकास पटेल, डोलन, आइशी घोष हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में लगाई गई तरह-तरह की पाबंदियों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तल्ख टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट बैन और धारा 144 तभी लगाया जा सकता है जब उसकी अत्यंत जरूरत हो.

बीते साल देश की दिग्‍गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के सीईओ सलिल पारेख और सीएफओ निलंजन रॉय पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे. इन आरोपों को इन्‍फोसिस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की ऑडिट कमेटी ने खारिज कर दिया है. इसके साथ ही सलिल पारेख और निलंजन रॉय को क्‍लीन चिट भी दे दी है.

जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 15 देशों के राजनयिक जम्मू कश्मीर पहुंचे हुए हैं. अपने दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को ये राजनयिक जम्मू के जगती प्रवासी टाउनशिप पहुंचे. जब राजनयिक टाउनशिप की ओर जा रहे थे, तभी दो कश्मीरी पंडित फ्री कश्मीर फ्रॉम इस्लामिक टेररिज्म का पोस्टर लिए देखे गए.

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