भारत के एक्सचेंज मैन के नाम से मशहूर जिग्नेश शाह को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने जिग्नेश शाह की ला-फिन फाइनेंशियल सर्विसेज के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. जिग्नेश शाह ने एनसीएलएटी के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. एनसीएलएटी ने ला-फिन फाइनेंशियल सर्विसेज के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही की अनुमति दी थी.
बता दें कि शाह ने 2003 में मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) और 2008 में देश का पहले इलेक्ट्रॉनिक कमोडिटी एक्सचेंज एनएसईएल लांच किया था. इसके बाद उन्होंने छह देशों में अपने व्यापारिक आदान-प्रदान को शुरू किया था. साल 2013 में उन्हें बड़ा झटका लगा, जबकि एनएसईएल में 5,600 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया, जिसके बाद अमित शाह को अपने उन सभी एक्सचेंज से हाथ धोना पड़ा, जिसे उन्होंने विकसित किया था.
जिग्नेश शाह का कहना है कि उनकी कंपनी को तबाह करने की जानबूझकर कोशिश की गई, क्योंकि असली दोषियों तक पहुंचा नहीं गया, जोकि उनके मुताबिक डिफाल्टर्स, ब्रोकर्स व अन्य थे.
संजय शर्मा