करगिल विजय दिवस के मौके पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है. बिपिन रावत ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है. वहीं PoK, अक्साई चीन के नियंत्रण पर राजनीतिक नेतृत्व को फैसला लेना है.
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने करगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने के मौके पर द्रास में करगिल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. वहीं बिपिन रावत का कहना है कि पीओके और Aksai Chin का जो हिस्सा हमारे नियंत्रण में नहीं है, उसको लेकर देश के राजनीतिक नेतृत्व को तय करना है कि उसे कैसे हासिल किया जाए. इसके लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाना है या फिर कोई और रास्ता अपनाना है, ये सरकार को तय करना है.'
वहीं कश्मीर के युवाओं के आतंकी बनने पर भी बिपिन रावत ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'कश्मीर में बंदूक और युवा एक साथ नहीं चल सकते हैं. जो भी कश्मीर में सेना के खिलाफ बंदूक उठाएगा वो कब्र में जाएगा और उसकी बंदूक हमारे पास आएगी. हालांकि ये एक मात्र हल नहीं है. हमारी कोशिश है कि यहां का युवा रोजगार की तरफ आगे बढ़े. अपने सुनहरे भविष्य का रास्ता अपनाए.'
आर्टिलरी हथियार प्रणाली पर ध्यान
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा, 'हम अपनी इन्वेंट्री को आधुनिक बनाने पर विचार कर रहे हैं. हमारा ध्यान आर्टिलरी हथियार प्रणाली पर है. 2020 तक हम होवित्जर हासिल करेंगे, के-9 वज्र का निर्माण अब देश में किया जा रहा है और दो बोफोर्स जैसी बंदूकें स्थानीय स्तर पर निर्मित की जा रही है.'
वहीं जब सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से पूछा गया कि करगिल विजय दिवस पर वे पाकिस्तान को क्या संदेश देना चाहते हैं तो उन्होंने कहा, 'यह मत करो. गलतियां आम तौर पर दोहराई नहीं जाती हैं. आपको अगली बार खून से सनी हुई नाक मिलेगी.'
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने करगिल विजय दिवस के मौके पर पाकिस्तानी सेना के बारे में कहा, 'पाकिस्तान जिस हालात से गुजर रहा है, ऐसे में वे मदद मांगने के लिए कुछ भी कर सकता है. लेकिन अगर उन्हें इस बार भी आर्थिक मदद मिल जाएगी तो फिर पाकिस्तान वही करेगा जो वो पहले करता आया है.'
मनजीत सहगल