J-K: बीजेपी विधायक की पत्रकारों को चेतावनी, शुजात जैसा काम न करें, अपनी लाइन खींचे

कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी सरकार में मंत्री रहे लाल सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों को बातों ही बातों में चेतावनी दे दी. उन्होंने कहा, 'कश्मीर के पत्रकारों ने गलत माहौल पैदा कर दिया था. मैं कश्मीर के पत्रकारों से कहूंगा कि वह भी अपनी लाइन तय कर लें कि आप को कैसे रहना है. क्या वैसे रहना है जैसे शुजात बुखारी के साथ हुआ?'

लाल सिंह
वरुण शैलेश/शुजा उल हक
  • जम्मू,
  • 23 जून 2018,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST

कश्मीर में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री रहे बीजेपी विधायक चौधरी लाल सिंह के बयान पर विवाद तेज हो गया है. उन्होंने पत्रकारों को बातों ही बातों में चेतावनी दे दी. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने लाल सिंह के बयान पर बीजेपी को घेरा है.

कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी सरकार में मंत्री रहे लाल सिंह ने शुक्रवार को पत्रकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने कहा, 'कश्मीर के पत्रकारों ने गलत माहौल पैदा कर दिया था उधर. अब तो मैं कश्मीर के पत्रकारों से कहूंगा कि आप भी अपनी पत्रकारिता की लाइन तय कर लें कि कैसे रहना है. वैसे रहना जैसे शुजात बुखारी के साथ हुआ है? इसीलिए अपने आपको(पत्रकार) संभालें, और एक लाइन खींचे ताकि यह भाईचारा न टूटे और यह बना रहे.'

गौरतलब है कि कठुआ गैंग रेप मामले में आरोपियों का पक्ष लेने के कारण लाल सिंह चर्चा में आए थे. उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. लाल सिंह ने कठुआ रेप के आरोपियों के पक्ष में निकाली गई रैली में हिस्सा लेकर बवाल खड़ा कर दिया था. लाल सिंह का मानना है कि कठुआ मामले को पत्रकारों की वजह से हवा मिली और उन्हें मंत्री पद से त्याग पत्र देना पड़ा. उस मसले का संदर्भ लेते हुए ही उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों को यह हिदायत दे डाली.

इधर लाल सिंह के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने फौरन बीजेपी पर निशाना साध लिया. उन्होंने ट्वीट किया, 'प्रिय पत्रकारों आपके सहयोगियों को बीजेपी के विधायक से धमकी मिली है. ऐसा लगता है कि शुजात की मौत अब गुंड्डों के लिए पत्रकारों के खिलाफ एक हथियार बन गया है.'

गौरतलब है कि कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार संपादक शुजात बुखारी की 14 जून को श्रीनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह प्रेस कॉलोनी स्थ‍ित अपने दफ्तर से एक इफ्तार पार्टी में शामिल होने जा रहे थे, तभी कुछ हमलावरों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी थी. इस हत्या की चारों तरफ कड़ी निंदा की गई थी.

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