इमाम ने शरीफ को लिखा पत्र, कहा- अलगाववादियों से बात कर घाटी में शांति का माहौल बनाएं

जामा मस्जिद के इमाम का कहना है कि धरती का स्वर्ग, जोकि खुशनुमा जिंदगी के लिए जाना जाता था आज हजारों लोगों के आंसूओं की घाटी बन गया है. एके-47 की छाया में जिंदगी खूनी हो गई है. मौत और बर्बादी का खेल स्थिति को और मुश्किल बनाता जा रहा है.

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जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी

नंदलाल शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 15 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पत्र लिखा है. बुखारी ने अपने पत्र में शरीफ से गुजारिश की है कि वे घाटी के अलगाववादियों से बात कर कश्मीर में चल रहे हिंसक तनाव को खत्म करने में अपनी भूमिका निभाएं. ताकि कश्मीर में शांति स्थापित हो सके.

अपने पत्र में बुखारी ने आगे लिखा है, 'कश्मीर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. हर दिन भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अगर शांति स्थापित करने के लिए माहौल बनाने में देरी हुई तो कश्मीर मुद्दा और मुश्किल हो जाएगा.'

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बुखारी ने लिखा है कि शांति स्थापित करने के लिए हमें हरसंभव प्रयास करने होंगे. कश्मीर के लोग डर के माहौल में जी रहे हैं और असहाय महसूस कर रहे हैं. शांति की उम्मीद भरा उनका सपना टूट गया है.

जामा मस्जिद के इमाम का कहना है कि धरती का स्वर्ग, जोकि खुशनुमा जिंदगी के लिए जाना जाता था आज हजारों लोगों के आंसूओं की घाटी बन गया है. एके-47 की छाया में जिंदगी खूनी हो गई है. मौत और बर्बादी का खेल स्थिति को और मुश्किल बनाता जा रहा है.

नवाज शरीफ से अपील करते हुए बुखारी ने लिखा है कि लाखों भारतीय मुस्लिम इस मामले में हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सीमा पर तनाव करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं और अलगाववादियों के साथ बातचीत शुरू करके स्थिति को सामान्य बनाया जा सकता है.

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इसके साथ बुखारी ने शरीफ को चेताया भी है कि कश्मीर समस्या का समाधान बंदूक और पत्थरबाजी से नहीं हो सकता. समस्या के हल के लिए बातचीत की पहल करनी ही होगी. बड़े मुद्दों पर बातचीत दोनों देशों के हित में है और इसके लिए रणनीति बनानी होगी.

 

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